एंटरटेनमेंट

वेलकम टू द जंगल रिव्यू: 32 सितारों की ब्रेनरॉट कॉमेडी ने किया सरप्राइज

किसी फिल्म से जब कोई उम्मीद ना हो, तब उसे देखना अपने आप में ही एक थ्रिलिंग एक्सपीरियंस होता है. थिएटर्स में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडर, परेश रावल जैसे 32 सितारों से सजी फिल्म वेलकम टू द जंगल (वेलकम 3) रिलीज हुई है, जिससे कोई कुछ खास उम्मीद नहीं लगा रहा था. इसके पीछे दो कारण हैं. पहला इसका ट्रेलर जिसने काफी निराश किया था, और फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट में कमी पैदा कर दी थी. दूसरा इसके डायरेक्टर अहमद खान, जिनकी पिछली फिल्म हीरोपंती 2 बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी.

वेलकम टू द जंगलजब अनाउंस हुई, तो लोगों के मन में शक पैदा हुआ कि क्या अहमद खान इस फिल्म की नैया पार लगा पाएंगे? रिलीज से पहले तक स्टारकास्ट ने तो डायरेक्टर की जमकर तारीफ की. अब फिल्म रिलीज हो गई है, तो इसे देखने के बाद एक बहुत बड़ा सरप्राइज मिला है. आइए, आपको बताते हैं कि इस मल्टी-स्टारर 'ब्रेनरॉट' फिल्म ने किस तरह सरप्राइज किया.

'फेक' फिल्म के चक्कर में असली खतरा से हुआ सामना
एक अरबपति बिजनेसमैन काजा (जाकिर हुसैन) इंडिया में अपनी काली कमाई से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा है. एक दिन उसे खबर मिलती है कि अगर उसने अपनी काली कमाई का कोई हल नहीं निकाला तो उसपर इनकम टैक्स की रेड पर जाएगी. ऐसे में वो अपने मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) के साथ मिलकर 2000 करोड़ रुपये की एक फ्लॉप फिल्म बनाने का प्लान करता है. मैनेजर देव (परेश रावल) और दास (राजपाल यादव) जैसे दो फ्लॉप डायरेक्टर और नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) जैसे आधे-अंधे कैमरामैन को हायर करता है. देव और दास के पास एक धांसू स्क्रिप्ट है- वेलकम टू द जंगल. इसके लिए वो एक फ्लॉप का हीरो राजीव (अक्षय कुमार) को कास्ट करते हैं. राजीव के साथ-साथ येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी) और रोमियो भाई (अरशद वारसी) जैसे डॉन की भी फिल्म में एंट्री हो जाती है, जो दरअसल उदय-मजनू के कजिन हैं.

इस फ्लॉप फिल्म में देव और दाव नादिया (दिशा पाटनी) को बतौर हीरोइन कास्ट करते हैं, जो पहले भी राजीव की गर्लफ्रेंड थी. इस फ्लॉप फिल्म में सिर्फ इतने एक्टर्स नहीं, टीवी-भोजपुरी-पंजाबी सिनेमा हर तरफ से एक्टर्स को कास्ट किया जाता है. बिजनेसमैन काजी अपनी फिल्म को फ्लॉप करने का पूरा प्लान बना लेता है, लेकिन तभी बाजी उसपर उलटी पड़ जाती है. इनकम टैक्स की रेड में काजा के सारे पैसे चले जाते हैं, जिससे वो कंगाल हो जाता है. अब उसे ये फिल्म किसी भी हाल में हिट चाहिए, जिसके लिए पूरी टीम एक रियल लोकेशन में जाकर असली लोगों के बीच शूटिंग करने लगती है. वहां उनका सामना असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होता है. अब क्या ये फ्लॉप फिल्म वेलकम टू द जंगल पूरी बन पाएगी? यही इसका बेसिक प्लॉट है.

एंटरटेनिंग है ये ब्रेनरॉट फिल्म
अक्षय की मल्टी-स्टारर फिल्म का असली मजा इसकी कास्ट है, जिन्होंने इस पूरी फिल्म को एक एकसाथ अपने मजबूत कंधों पर उठाए रखा. फिल्म की कहानी एक पॉइंट के बाद भले ही मायने नहीं रखेगी, मगर जो एंटरटेनमेंट ये आपको दिलाती है उसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं थी. फिल्म में कई सारे ऐसे मोमेंट्स हैं जहां आप दिल खोलकर हंसते हैं. इसकी सबसे खास बात यही है कि फिल्म खुद को 'ब्रेनरॉट' कहला रही है. लेकिन वो देखने में भी आपको मजा ही आता है. सभी एक्टर्स की आपस में जुगलबंदी काफी अच्छी है. कॉमेडी सरप्राइजिंगली काफी क्लीन और देखने में अच्छी है. हालांकि वेलकम 3 में कुछ मोमेंट्स हैं जब आप थोड़े बोर से होने लगेंगे. लेकिन अंत में आते-आते फिल्म काफी दिलचस्प और मजेदार बन जाती है. जिस तरह की एक्साइटमेंट ट्रेलर ने सेटअप की थी, उसके मुताबिक फिल्म काफी बेहतर निकलकर आई है.

वेलकम टू द जंगल का फर्स्ट हाल्फ काफी सही है, इसमें कहानी और विलेन को अच्छे से सेटअप किया जाता है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, परेश रावल, और जॉनी लिवर के काफी सीन्स ऐसे हैं, जो आपको खुलकर हंसने पर मजबूर करेंगे. इन सभी एक्टर्स को बाकी स्टारकास्ट का भी बढ़िया सपोर्ट मिला है. सेकेंड हाल्फ में चीजें थोड़ी गड़बड़ होने लगती हैं, मगर अंत आते-आते वो संभल भी जाती हैं. इस फिल्म से एक बड़ी शिकायत ये है कि इसका वीएफएक्स काफी सस्ता सा लगा. इसकी वजह से कुछ सीन्स बेहद अटपटे लगे. लेकिन अंत में ये एक फुल-टाइमपास कॉमेडी फिल्म बनकर सामने आती है, जिसमें डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ बनती है.

डायरेक्टर की होगी तारीफ
अभी तक डायरेक्टर अहमद खान को लेकर जो सवाल उठे थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने इस फिल्म से दूर कर दिया है. सबसे पहले उनकी इस बात की तारीफ होगी कि उन्होंने 32-34 स्टार एक्टर्स को एक ही फिल्म में लेने का फैसला लिया. और यही नहीं, सबको एक जैसा स्क्रीन टाइम देने की कोशिश की. उन्होंने अपनी फिल्म में हर एक्टर से कुछ ना कुछ ऐसा कराया, जिसे देखकर मजा जरूर से आया. इस 2 घंटे 45 मिनट की फिल्म को उन्होंने काफी अच्छी तरह से संभालकर रखा. लेकिन ऐसा भी लगता है कि वो इस फिल्म को थोड़ी और बेहतर बना सकते थे. इसी में उनकी बतौर डायरेक्टर थोड़ी बहुत कमी नजर आई. बाकी दिवंगत राइटर नीरज वोहरा की इस ओरिजिनल कहानी को उन्होंने सही तरीके से पर्दे पर दिखाया है. हालांकि फिल्म में ऐसा कोई गाना नहीं था, जो बाद में चलकर याद रह जाए जिसमें अहमद खान शायद थोड़ा चूक गए हैं.

स्टार्स-कैमियो के दम पर उठी फिल्म
फिल्म वेलकम टू द जंगल को लेकर अब ये कहा जा सकता है कि अगर इसमें 32-34 एक्टर्स नहीं होते, तो शायद ये फिल्म उतनी एंटरटेनिंग नहीं होती. इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक एक्टर स्क्रीन पर अपनी ओर से कुछ अनोखा और क्रिएटिव लेकर आया, जिसे देखने में मजा आता है. अक्षय ने जो इस फिल्म में अपनी कॉमिक टाइमिंग से जान डाली है, उसके लिए आप थिएटर में ताली जरूर बजाएंगे. वैसे तो वो कॉमेडी के 'खिलाड़ी' है हीं. मगर उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर ने जो केमिस्ट्री बिठाई, वो सोने पर सुहागा जैसा था.

वहीं बात करें बाकी एक्टर्स—कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, तुषार कपूर, और जाकिर हुसैन की—तो उन्होंने अपना काम अच्छे से निभाया. उन्हें जितना रोल दिया गया, वो उन्होंने पूरी सच्चाई के साथ प्ले किया. बस सिंगर दलेर मेहंदी इस फिल्म में मिसकास्ट लगे. उन्होंने बड़ी कोशिश की कि वो अपने काम से इंप्रेस कर सकें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. इनके अलावा फिल्म में दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस भी थीं, जिन्होंने ग्लैमर के मामले में कोई कमी नहीं छोड़ी.

छा गई अक्षय-रवीना की केमिस्ट्री
फिल्म में रवीना टंडन भी हैं, जो करीब 20 साल बाद अक्षय के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करती नजर आईं. सच कहा जाए तो वो फिल्म में इकलौती हीरोइन लगीं, जिनके पास करने के लिए काफी कुछ था और उन्होंने अपना काम सही ढंग से किया भी है. वहीं आफताब शिवदसानी, हेमंत पांडे अपने रोल के साथ सही से न्याय कर पाए. मगर फिल्म में अगर किन्हीं सितारों के काम सबसे अलग नजर आए, तो वो थे फरीदा जलाल और किरण कुमार. वेटरन एक्ट्रेस फरीदा जलाल को आप इस फिल्म में कुछ ऐसा करते देखेंगे, जिसे देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा. घबराइए नहीं, उन्होंने एक ऐसा यादगार काम किया है जिसे देखने में आपको सचमुच मजा आएगा. वहीं किरण कुमार ने उनका बढ़िया साथ दिया.

फिल्म में अक्षय का डबल रोल है; ये तो मेकर्स ने खुद ही अपने गानों से रिवील कर दिया था. उनके साथ महाभारत के दुर्योधन, करण और अर्जुन, यानी पुनीत इस्सर, पंकज धीर और फिरोज खान हैं, जो कुछ देर के लिए ही सही, मगर बढ़िया काम करके निकल जाते हैं. वहीं, वेलकम 3 के विलेन जैकी श्रॉफ बने, जिनका खूंखार अवतार आपको डराने और हंसाने का काम करेगा. उनके चमचे बने विंदु दारा सिंह भी अच्छे दिखे. इस फिल्म में दो कैमियो हैं—उर्वशी रौतेला और लारा दत्ता. दोनों ही एक्ट्रेसेस ने अपना काम बढ़िया किया है.

कुल मिलाकर, अगर आप एक फैमिली-कॉमेडी फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो वेलकम टू द जंगल आपकी लिस्ट में जरूर आ सकती है, बशर्ते, आपको अपना दिमाग थिएटर हॉल से बाहर छोड़ना पड़ेगा. अगर आप कहानी की बारीकियों और उसके निष्कर्ष को ढूंढने में लगे रहेंगे, तो ये फिल्म आपको हंसाएगी कम, परेशान करेगी. ये एक नो-ब्रेनर कॉमेडी फिल्म है, जिसे सिर्फ बिना लॉजिक के एंजॉय किया जा सकता है.

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