जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। दुष्कर्म की शिकार एक मूक-बधिर युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और देखभाल तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में पोस्टमार्टम के दौरान युवती के शरीर से सेफ्टी पिन मिलने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं।
कुनकुरी क्षेत्र में 3 अप्रैल को मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीड़िता के परिजनों का पता नहीं चल पाने के कारण उसे जशपुर स्थित सखी सेंटर में रखा गया था।
आरोप है कि युवती के मेडिकल परीक्षण और बाद की देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती गई। बताया जा रहा है कि 19 मई को युवती को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामला तब चर्चा में आया जब पोस्टमार्टम के दौरान युवती के शरीर से सेफ्टी पिन मिलने की जानकारी सामने आई। बोतल का कार्क मिलने संबंधी दावों का पुलिस ने खंडन किया है। जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने कहा है कि डॉक्टरों से चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि शरीर से केवल सेफ्टी पिन मिलने की पुष्टि हुई है। उक्त वस्तु को जांच के लिए भेजा जा रहा है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही युवती की मौत के वास्तविक कारणों और कथित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



