रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस अमरेश मिश्रा सेंट्रल डेपुटेशन पर एनआईए में पोस्टेड थे।आईपीएस अमरेश मिश्रा अब रायपुर रेंज का आईजी के साथ साथ ईओडब्लू और एसीबी के चीफ होगे । आपको बता दे 11 मार्च को उन्हें ईओडब्लू और एसीबी में आईजी का अतिरिक्त प्रभार सौप दिया गया था। अमरेश मिश्रा 12 मार्च को ज्वाईन किए थे।अमरेश मिश्रा को रायपुर आईजी के साथ ही ईओडब्लू और एसीबी चीफ के मुखिया बना दिए गए है। इस पोस्टिंग के कई मायने है अमरेश मिश्रा छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध को रोकने सार्थक कदम उठाने वाले है।

उल्लेखनीय है,राज्य सरकार ने 15 मार्च के डेट में आदेश जारी कर ईओडब्लू और एसीबी के डायरेक्टर के अतिरिक्त प्रभार से हटा कर डीएम अवस्थी को पीएचक्यू वापस भेज दिया है। डीएम अवस्थी के पीएचक्यू लौटने के बाद अमरेश सबसे सीनियर अफसर हैं और वे अब ईओडब्लू, एसीबी के चीफ है ।अमरेश मिश्रा छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध को रोकने कार्यवाही करने वाले है।
जानिए आईपीएस अमरेश मिश्रा के बारे में
आईपीएस अमरेश मिश्रा छत्तीसगढ़ कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अफसर हैं। अमरेश मूलतः बिहार से हैं। बक्सर के एक ठीकठाक ब्राम्हण परिवार में 7 फरवरी 1980 को अमरेश मिश्रा का जन्म हुआ। बक्सर में उनकी स्कूलिंग हुई। इसके बाद आईआईटी धनबाद से उन्होंने 2003 में पैट्रोलियम टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री ली है। बीटेक के बाद उन्होंने अगले साल ही यूपीएससी परीक्षा में बैठे और पहले प्रयास में ही आईपीएस में सलेक्ट हो गए। अमरेश ने फिर दोबार यूपीएससी नहीं दिया। आईपीएस में उन्हें 2005 बैच मिला। 22 अगस्त 2005 को आईपीएस की सर्विस ज्वाइन की है।
आईपीएस में अमरेश को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। बिलासपुर में उन्होंने अपना प्रोबेशन पूरा किया। छत्तीसगढ़ में वे नारायणपुर, दंतेवाड़ा कोरबा, दुर्ग और रायपुर यानी पांच जिलों के एसपी रहे। रायपुर एसपी रहने के दौरान ही 2019 में अमरेश मिश्रा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नेशनल जांच एजेंसी एनआईए में एसपी बनकर चले गए। वही रहते वे डीआईजी प्रमोट हुए। इसके बाद 2023 जब का जब आईजी प्रमोशन हुआ तो छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें प्रोफार्मा प्रमोशन देकर आईजी बना दिया। प्रोफार्मा का मतलब यह होता है कि केंद्र से छत्तीसगढ़ लौटते ही वो आईजी रैंक में होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें 5 फरवरी को आदेश जारी कर रायपुर रेंज आईजी नियुक्त किया हैं।
अमरेश मिश्रा छत्तीसगढ़ के पहले सिविल सर्वेट होंगे, जिन्होंने आक्सफोर्ड और हार्वर्ड से मास्टर डिग्री लिया है। एनआईए में डेपुटेशन के दौरान ही वे उच्च शिक्षा के लिए लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गए थे। उसके बाद फिर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी। उन्होंने पब्लिक पालिसी तथा एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स किया।



