
रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का मामला सदन में गूंजा. अजय चंद्राकर ने भर्ती में देरी का आरोप लगाते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम साय से पूछा कि सत्यापन में देरी क्यों हो रही है। मंत्री का जवाब आया है, उसके मुताबिक पांच महीने में सिर्फ आठ शिक्षकों का सत्यापन हो पाया। स्कूल शिक्षा मंत्री के गोलमोल जवाब पर शोर-शराबा हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने मीं से कहा, छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों से जुड़ा मामला है.टाईम लिमिट तय कीजिए अफसरों से कहिए भर्ती पूरी करने की कार्यवाही करें।
चंद्राकर ने पूछा कि 30 जून 2022 की स्थिति में किन-किन संवर्गों की कितनी-कितनी पदों पर प्रक्रिया पूरी हो गई है? सत्यापन काम पूरा हुआ या नहीं? एक पद के सत्यापन के लिए कितनी अवधि लगती है. देरी की वजह क्या है. शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जवाब में कहा कि व्याख्याता का सत्यापन राज्य स्तर पर, शिक्षक का सत्यापन संभाग स्तर पर और सहायक शिक्षकों का सत्यापन ज़िला स्तर पर किया जाता है. मेरिट क्रम में सत्यापन किया जाता है.शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रश्नाधीन अवधि में 2642, शिक्षक 3473 एवं सहायक शिक्षक 4326 पदों पर भर्ती कर नियुक्ति प्रदान कर दिया गया। चंद्राकर बार-बार सत्यापन की खामियों पर सवाल पूछ रहे थे शिक्षा मंत्री कुछ और जवाब दे रहे थे। इस पर सदन में हंगामा और टोका-टोकी हुई।
अजय चंद्राकर ने स्पीकर की तरफ मुखातिब होकर कहा, अध्यक्षजी मैं जो पूछना चाहता हूं उसका जवाब नहीं मिल रहा है।स्पीकर ने भी इस पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अजय जी आप इन जवाबों से संतुष्ट हो जाइए। अजय चंद्राकर बोले. मैं क्या जबरदस्ती संतुष्ट हो जाउं,ठीक है, अगर आप कह रहें हैं तो मैं संतुष्ट हो जाउंगा।छत्तीसगढ़ के बेरोज़गार युवाओं से जुड़ा मामला है. इस सरकार को छत्तीसगढ़ के भविष्य के बारे में बात करने का अधिकार नहीं है.स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत ने मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम से कहा कि अपने विभाग से कहिए कि भर्ती प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय सीमा तय कर लें.



