गाजियाबाद
गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बकरीद के दिन असद और उसके साथियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की कई टीमों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद 30 और 31 मई की रात मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामी असद को मार गिराया. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है।
फोन कर बुलाया और ताबड़तोड़ चलाए चाकू
बीती 28 मई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में सूर्या प्रताप चौहान को फोन करके बुलाया गया था. वहां पहले से जाल बिछाकर बैठे असद, उसके पिता नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बाइक चलाने की मामूली कहासुनी और पुरानी रंजिश के चलते सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए. लहूलुहान हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कई घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया. किशोर की मौत से पूरे खोड़ा में भारी आक्रोश फैल गया।
पिता ने उकसाया और दोस्त ने लाकर दिया चाकू
पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि वारदात से कुछ समय पहले भी असद और सूर्या के बीच विवाद हुआ था. घटना वाले दिन भी दोनों में बहस हुई, जिसके बाद असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद सूर्या को सबक सिखाने की खूनी योजना बनाई गई. गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया कि फरहान ने असद को चाकू लाकर दिया था, जबकि उसके पिता नवाब ने उसे हमले के लिए उकसाया था. इसके बाद वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।
50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर
सूर्या की मौत के बाद मुख्य आरोपी असद लगातार पुलिस को छका रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र में तलाश तेज कर दी थी. 30 और 31 मई की रात को पुलिस को सूचना मिली कि असद आर्थिक मदद लेकर शहर से भागने की फिराक में है. खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो असद ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से असद घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अपराधियों के घरों पर चला 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'
एनकाउंटर के अगले ही दिन प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के बंद पड़े घर पर एसडीएम की मौजूदगी में अवैध कब्जे और निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया. इसके बाद पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिनों का विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया गया. डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और डीसीपी धवल जायसवाल खुद मौके पर उतरे. ड्रोन कैमरों, स्नाइपर डॉग और आधुनिक उपकरणों के जरिए हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
नम आंखों से विदाई, आर्थिक मदद और नौकरी की घोषणा
दूसरी तरफ, दिवंगत सूर्या चौहान की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित कर दिया गया, जहां परिजनों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी. मामले के तूल पकड़ने पर पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी परिवार को न्याय का भरोसा दिया. खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन पति अमरपाल शर्मा ने सूर्या के बड़े भाई को नौकरी देने और क्षेत्र की एक सड़क का नाम सूर्या के नाम पर रखने की बड़ी घोषणा की है।
मुस्लिम समाज ने भी एनकाउंटर को बताया सही, बाजार अब भी बंद
मुख्य आरोपी असद के पड़ोसी जावेद खान ने बताया कि असद अक्सर नशेबाजी और उधमबाजी में शामिल रहता था, जिससे मोहल्ले के लोग परेशान थे. इलाके के मुस्लिम समाज के लोगों ने भी इस जघन्य हत्याकांड को पूरी तरह गलत ठहराया है. समाज के लोगों का स्पष्ट कहना है कि जो जैसा करेगा वो वैसा ही भुगतेगा और उन्होंने असद के एनकाउंटर को सही बताया है. हालांकि, नवनीत विहार के बाजारों में अब भी सन्नाटा है. तनाव और सुरक्षा कारणों से कई व्यापारी अपनी दुकानें खोलने से लगातार बच रहे हैं।
फरार सारिक की तलाश जारी, पूर्ण न्याय चाहता है पीड़ित परिवार
असद के एनकाउंटर और तीन करीबियों की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी सारिक मेवाती अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी मृतक सूर्या चौहान का परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. परिवार का साफ कहना है कि हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर हालात काबू में करने की कोशिश कर रही है।



