सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही 80 वर्षीय पिता की हत्या कर दी थी। आरोपी ने लोहे के पेचकस से हमला कर पिता की जान ले ली थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी बेटे को आजीवन सश्रम कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुनमेरो का है। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय धरम सिंह के रूप में हुई है, जबकि मृतक पिता का नाम रामविलास सिंह था। घटना 7 मई 2026 की बताई गई है।
जमीन बेचने को लेकर हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की मां का निधन हो गया था। आर्थिक तंगी के कारण मां का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। आरोपी अपने हिस्से की जमीन बेचकर मां का अंतिम संस्कार करना चाहता था, लेकिन पिता रामविलास सिंह ने जमीन बेचने से इनकार कर दिया।
इसी बात को लेकर पिता और बेटे के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि घटना के दिन शराब के नशे में धरम सिंह ने पहले पिता के साथ मारपीट की और फिर लोहे के पेचकस से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बरामद किए साक्ष्य
घटना की सूचना मृतक के छोटे बेटे करम सिंह ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने कपड़े, कुदाल और वारदात में इस्तेमाल किया गया पेचकस बरामद किया।
अदालत ने सुनाई आजीवन सश्रम कारावास की सजा
मामले की सुनवाई सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी धरम सिंह को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने उसे आजीवन सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



