छत्तीसगढ़। नवरात्रि और गरबा उत्सव को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘Garba Partner on Rent’ के नाम से वायरल हो रहे विज्ञापनों ने नई बहस छेड़ दी है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और कुछ डेटिंग ऐप्स पर अनजान लोगों को पैसे देकर गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले पोस्ट और प्रोफाइल सामने आने की बात कही जा रही है।
इन विज्ञापनों में महिला और पुरुष पार्टनर उपलब्ध कराने के साथ अलग-अलग पैकेज और कीमतों का दावा किया जा रहा है। कुछ पोस्ट में यह रकम करीब 1,000 से 5,000 रुपये तक बताई गई है। हालांकि, ऐसे सभी विज्ञापनों की वास्तविकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और साइबर विशेषज्ञों की ओर से लोगों को ऐसे अनजान ऑफर्स से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
क्या है ‘Garba Partner on Rent’ का मामला?
नवरात्रि से पहले सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें गरबा नाइट के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। पोस्ट में आकर्षक पैकेज और संपर्क करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट या लिंक दिए जाने की बात सामने आई है।
पहली नजर में ये विज्ञापन सामान्य ऑफर जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन अनजान ऑनलाइन प्रोफाइल से संपर्क करने और पैसे का लेन-देन करने में साइबर ठगी का जोखिम हो सकता है।
एडवांस पेमेंट के नाम पर हो सकती है ठगी
साइबर फ्रॉड के मामलों में अपराधी अक्सर किसी सेवा या बुकिंग के नाम पर पहले रजिस्ट्रेशन फीस या एडवांस पेमेंट मांगते हैं। इसके बाद यूजर को पेमेंट लिंक, QR कोड या किसी वेबसाइट पर भेजा जा सकता है।
ऐसे मामलों में अनजान लिंक पर क्लिक करना, OTP साझा करना, UPI PIN बताना या बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर करना जोखिम भरा हो सकता है। भुगतान के बाद संपर्क बंद होने या अकाउंट गायब होने की स्थिति में व्यक्ति के लिए पैसे वापस पाना मुश्किल हो सकता है।
निजी जानकारी और ब्लैकमेलिंग का भी खतरा
ऐसे अनजान प्रोफाइल से संपर्क करने में केवल आर्थिक ठगी ही नहीं, बल्कि निजी जानकारी के दुरुपयोग का भी खतरा हो सकता है। बातचीत के दौरान फोटो, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट या अन्य निजी जानकारी हासिल कर उसका गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है।
इसी वजह से सुरक्षा विशेषज्ञ अनजान लोगों से मिलने या किसी ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करने की सलाह देते हैं।
राजनीतिक स्तर पर भी उठा मामला
इस मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने पुलिस को पत्र लिखकर ऐसे विज्ञापनों और संबंधित सोशल मीडिया पेजों की जांच तथा कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्रि जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के नाम पर कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डेटिंग ऐप्स के जरिए आपत्तिजनक गतिविधियों और धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से संदिग्ध अकाउंट्स, लिंक और इनके पीछे सक्रिय लोगों की जांच करने की मांग की है।
विज्ञापन देखकर तुरंत पैसे न भेजें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हर ‘Garba Partner on Rent’ विज्ञापन को असली मानना सही नहीं होगा। किसी पोस्ट या प्रोफाइल की वास्तविकता की पुष्टि किए बिना उससे संपर्क करना या भुगतान करना नुकसानदायक हो सकता है।
अगर किसी ऑफर में एडवांस पेमेंट, संदिग्ध लिंक, QR कोड, OTP या बैंकिंग जानकारी मांगी जाए तो बेहद सावधान रहें। किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर दर्ज कराएं।
नवरात्रि के उत्सव के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे ऑफर्स को लेकर सावधानी जरूरी है। क्लिक करने या भुगतान करने से पहले प्रोफाइल, संस्था और ऑफर की विश्वसनीयता जरूर जांचें।



