रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए दीवाली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी कर दी है। राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में योजना की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की।
इस किस्त के तहत प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये भेजे गए हैं। दिवाली से पहले राशि मिलने से महिलाओं और उनके परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
67 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त के अंतर्गत ई-केवाईसी पूरी करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को राशि का लाभ मिला है। इसके साथ ही नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं को भी योजना की किस्त प्रदान की गई है।
इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार की आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
मार्च 2024 में शुरू हुई थी योजना
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
योजना की 33वीं किस्त जारी होने के साथ अब तक कुल 21,350.50 करोड़ रुपये महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित किए जा चुके हैं।
त्योहारों पर खरीदारी से बाजारों में बढ़ी रौनक
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के साथ त्योहारों और विशेष अवसरों पर खरीदारी करने में भी मदद कर रही है। करवाचौथ से शुरू हुआ खरीदारी का दौर लगातार जारी है।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होने के साथ स्थानीय बाजारों और व्यापारियों को भी फायदा मिल रहा है।
महिलाओं के आत्मविश्वास को मिल रही नई मजबूती
महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। नियमित आर्थिक सहयोग से महिलाएं परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक निर्णयों में अपनी भागीदारी बढ़ाने में सक्षम हो रही हैं।
दीवाली से पहले 33वीं किस्त जारी होने से प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए त्योहार की खुशियां और बढ़ गई हैं।



