छत्तीसगढ़

CG News: कटघोरा में EOW की बड़ी कार्रवाई, नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के घर छापा..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। दोनों स्थानों पर दस्तावेजों की जांच और पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस कार्रवाई को प्रदेश के चर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, छापेमारी का वास्तविक कारण और दोनों ठिकानों पर जांच के बिंदुओं को लेकर EOW की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

नगर पालिका अध्यक्ष के निवास पर पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, EOW की टीम कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के निवास पर पहुंची। यहां अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच शुरू की। आर्थिक लेनदेन से संबंधित जानकारियों की पड़ताल किए जाने की भी चर्चा है।

कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, राज जायसवाल के निवास से किसी दस्तावेज या अन्य सामग्री की जब्ती की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी छापा

इसी दौरान EOW की दूसरी टीम ने नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी दबिश दी। दोनों स्थानों पर लगभग एक साथ कार्रवाई की गई। जांच अधिकारी दस्तावेजों की पड़ताल करने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर रहे हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अधिकारियों ने किन बिंदुओं पर पूछताछ की और जांच के दौरान क्या जानकारी सामने आई है।

DMF घोटाले से जुड़ने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, EOW की इस कार्रवाई को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए कथित DMF घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में DMF फंड के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच होती रही है।

DMF यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास एवं कल्याण के लिए धन उपलब्ध कराना है। कथित अनियमितताओं के मामलों में फंड के खर्च, भुगतान, स्वीकृति और संबंधित निर्माण कार्यों के दस्तावेज जांच के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।

हालांकि, राज जायसवाल और दिलीप केंवट के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई का DMF घोटाले से सीधा संबंध अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।

आधिकारिक जानकारी का इंतजार

फिलहाल EOW की ओर से छापेमारी के उद्देश्य, जांच के निष्कर्ष और किसी दस्तावेज या अन्य सामग्री की जब्ती को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी के आधिकारिक बयान के बाद ही कार्रवाई के वास्तविक कारण और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।

गौरतलब है कि किसी व्यक्ति के निवास पर तलाशी या जांच की कार्रवाई होना अपने आप में उसकी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता।

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