भोपाल
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को निर्देश दिए हैं कि जनवरी 2027 से शुरू होने वाले पदोन्नति के दूसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। इस चरण में मुख्य रूप से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सेवानिवृत्त होने में केवल 1 से 2 साल का समय बचा है। सरकार का उद्देश्य विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के जरिए इन कर्मचारियों का प्रमोशन सुनिश्चित करना है, ताकि कानूनी विवादों के कारण कोई भी कर्मचारी अपने हक के प्रमोशन से वंचित न रह जाए।
लंबित प्रमोशन होंगे पूरे
नियमों के मुताबिक हर 5 साल में पदोन्नति का प्रावधान है, लेकिन 2016 से चले आ रहे कानूनी विवाद के कारण कर्मचारियों को 10 साल बाद 2026 में पहला प्रमोशन मिल सका। अब दूसरा प्रमोशन भी बकाया हो चुका है, जिसे जनवरी से डीपीसी कर नियमित किया जाएगा।
इन पदों को मिलेगा लाभ
प्रशासनिक कैडर में ग्रेड-2 से ग्रेड-1, सेक्शन ऑफिसर से अवर सचिव, अवर सचिव से डिप्टी सेक्रेटरी तथा सहायक संचालक से अतिरिक्त संचालक स्तर तक के पद शामिल हैं। वहीं इंजीनियरिंग सेक्शन में असिस्टेंट इंजीनियर से लेकर ईएनसी (Engineer-in-Chief) तक के पदों पर पदोन्नति मिलेगी। मध्य प्रदेश विधानसभा ने दूसरे चरण के प्रमोशन को लेकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
पदोन्नति के आंकड़े और शिक्षकों की स्थिति
चालू वर्ष में जुलाई से लेकर अब तक लगभग 1 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। हालांकि अभी भी विभिन्न कारणों से करीब 50 हजार प्रमोशन अटके हुए हैं। कुल अटके मामलों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग की है, जहां शिक्षक पात्रता परीक्षा के कारण 30 हजार शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए थे। विभाग ने इसका समाधान निकाल लिया है और दिसंबर से पहले इन शिक्षकों को पदोन्नत करने की योजना है।
सीपीसीटी में जल्द मिलने जा रही राहत
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन में परेशानी बनी सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता में राहत जल्द ही मिलने जा रही है. सामान्य प्रशासन विभाग इसको लेकर आदेश जारी करने जा रहा है. सीपीसीटी परीक्षा न होने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का प्रमोशन तृतीय श्रेणी में नहीं हो पा रहा था, इसको देखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसमें राहत देने का ऐलान किया था।



