मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रवेश करना एक 23 वर्षीय युवक को भारी पड़ गया। दो शावकों के साथ घूम रही बाघिन ने युवकों के समूह पर हमला कर दिया, जिसमें धर्मजीत धृतलहरे की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बांधा निवासी धर्मजीत अपने चार साथियों के साथ जंगल में पिहरी (मशरूम) निकालने गया था। सभी युवक जोगीपुर परिसर के पाड़ाडोंगरी के पास पहुंचे थे, तभी शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने उन्हें दौड़ा लिया।
इसी दौरान धर्मजीत बाघिन की चपेट में आ गया। बाघिन ने उसकी गर्दन पर हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथियों ने उसे बचाने और जंगल से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बाघिन अभी भी अपने शावकों के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद है। ऐसे में ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
मानसून में जंगल में प्रवेश पर प्रतिबंध
वन विभाग ने बताया कि 15 जून से 31 अक्टूबर तक मानसून अवधि में ATR के कोर और प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। STPF और वन विभाग के कर्मचारी लगातार ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की समझाइश देते हैं।
इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि मानसून अवधि में अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश न करें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की पुरानी घटनाएं
अचानकमार टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण, लकड़ी बीनने और अन्य कारणों से जंगल में जाने वाले ग्रामीणों पर बाघ, तेंदुए और भालू के हमलों के मामले सामने आए हैं।
बाघिन के साथ शावक होने की स्थिति में खतरा और बढ़ जाता है। वन विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।



