कवर्धा/कबीरधाम: कांकेर के बाद अब कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र में भी मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। बोड़ला विकासखंड के झलमला सेक्टर के 8 से 10 गांवों में संक्रमण फैलने से हालात गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से 80 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं और कई जगह एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, झलमला सेक्टर में 17 जुलाई के बाद मलेरिया के मामले तेजी से सामने आने लगे। शुरुआत में बीमारी को गंभीरता से नहीं लेने के कारण समय पर व्यापक जांच, फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सके। वर्तमान में मुडवाही, सोनवाही, जामुनपानी, सरेंडा, बोदलपानी, समनापुर, झलमला और बहनाखोदरा सहित कई गांव संक्रमण की चपेट में हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि मुडवाही निवासी शुकवारिन बैगा (50), 11 वर्षीय जगदीश ध्रुवे और जामुनपानी निवासी 19 वर्षीय नरेश गोंड की मलेरिया के कारण मौत हो चुकी है। इस बीच झलमला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से मच्छरदानियों का वितरण नहीं किया गया, जिससे संक्रमण रोकने में परेशानी हुई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हालात को देखते हुए 15 मेडिकल टीमें प्रभावित गांवों में तैनात की हैं, जो घर-घर जाकर जांच, सर्वे और दवा वितरण का कार्य कर रही हैं। विभाग का कहना है कि लगातार अभियान चलाए जाने से नए मामलों में धीरे-धीरे कमी आने लगी है।



