कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक स्थित सरंडी शासकीय जनजातीय बालक छात्रावास में 14 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक करन गोटा कक्षा 9वीं का छात्र था। घटना के बाद परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, करन की तबीयत खराब होने पर जांच में उसे मलेरिया पॉजिटिव पाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद वह छात्रावास लौट आया, लेकिन रात में तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया। उनका आरोप है कि यदि तत्काल इलाज मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
वहीं, छात्रावास के प्रभारी अधीक्षक का कहना है कि छात्र की हालत गंभीर नहीं लग रही थी। उनका दावा है कि छात्र उपचार के बाद सामान्य रूप से हॉस्टल लौटा, भोजन किया और सो गया। अगले दिन सुबह उसके नहीं उठने पर घटना की जानकारी मिली। प्रबंधन का यह भी कहना है कि छात्र के परिजनों को बीमारी की सूचना देकर उसे घर ले जाने की सलाह दी गई थी।
घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि हॉस्टल में छात्रों का समुचित रिकॉर्ड नहीं रखा जाता और रात के समय पर्याप्त जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं रहते। मामले के तूल पकड़ने के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजन अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।



