रायपुर। ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गिरोह के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को गिरफ्तार कर उसके पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। आरोपी पिछले करीब ढाई साल से सट्टे की आईडी बेचकर अवैध कारोबार चला रहा था और मुंबई व गोवा से अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने ऑनलाइन सट्टे के मामलों में अब तक 11 प्रकरणों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 66.50 लाख रुपये नकद, 207 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 8 चारपहिया और 4 दोपहिया वाहन सहित लगभग 2.96 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया है।
मामले की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि थाना गंज क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति आईपीएल मैच के दौरान मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहा है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा और पूछताछ के आधार पर उड़ीसा, महाराष्ट्र और अन्य स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि बाबू खेमानी अपने भाई करण खेमानी और अन्य साथियों के साथ मिलकर सट्टा नेटवर्क चला रहा था। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर होने का फायदा उठाकर वह हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक पहुंच बनाता था। शुरुआत में ‘मेट्रो’, ‘कलर 777’ और ‘क्लासिक एक्स 99’ जैसे एप चलाए गए, लेकिन पुलिस दबाव के बाद इन्हें बंद कर ‘3Stumps’ और ‘55 एक्सचेंज’ नाम से नए पैनल शुरू किए गए।
रायपुर पुलिस के दबाव के चलते आरोपी ने अपना ऑपरेशन दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिया और मुंबई-गोवा से नेटवर्क संचालित करने लगा। पुलिस ने मुंबई में छापेमारी कर बाबू खेमानी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से BMW कार, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए। वहीं गोवा में रेड के दौरान चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर सट्टा संचालन से जुड़े उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी के विदेशों से भी कनेक्शन हो सकते हैं। वह दुबई और थाईलैंड की यात्राएं कर चुका है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।



