बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर के नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिलने वाली है। लंबे समय से वांछित और जंगलों में सक्रीय कई टॉप नक्सली हैरदराबाद में मुख्यधारा में लौटाने की तयारी में हैं। बताया जा रहा है कि, आज दोपहर 3 बजे तेलंगाना के डीजीपी की मौजूदगी में कुल 37 नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे। जिससे नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगेगा।
मिली जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के सदस्य आजाद उर्फ़ अप्पासी नारायण भी शामिल है। इसके अलावा नक्सली कमांडर हिड़मा का खास सहयोगी और बटालियन नंबर-01 में लंबे समय से सक्रीय एर्रा भी आत्मसमर्पण करेगा।
नक्सल नेटवर्क पर सीधा प्रहार
हिड़मा जैसे कुख्यात कमांडर के करीबियों का सरेंडर होना सुरक्षा बलों के लिए नक्सल नेटवर्क पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। तेलंगाना पुलिस ने दोपहर 3 बजे प्रस्तावित प्रेस कांफ्रेंस में इस बड़े आत्मसमर्पण का आधिकारिक एलान किया जाएगा।
लाल आतंक के चेहरे का अंत
गौरतलब है कि, सुकमा जिले की सीमा से लगे आंध्रपदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेडुमिली क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने हिड़मा को उसकी पत्नी के साथ मार गिराया गया। इसी के साथ बस्तर में दशकों से दहशतगर्दी फ़ैलाने वाले चेहरे का अंत हो गया है। कुख्यात नक्सली लीडर हिडमा की डेढ़ होने के बाद बस्तर आईजी ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी।
हिड़मा ने 20 वर्षों से बस्तर में की दहशतगर्दी
बस्तर आईजी ने जानकारी देते हुए बताया कि, नक्सली विरोध अभियान में आज का दिन एक निर्णायक साबित हुआ है। आंध्रा- छत्तीसगढ़ सीमा पर हुए मुठभेड़ में माड़वी हिडमा को आंध्रा के सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। उन्होंने आगे बताया कि, हिडमा ने विगत 20 वर्षों से बस्तर में आतंक मचा कर रखा था जिसका अब अंत हो गया है। अब देवा के साथ ही शेष 6 सीसी मेंबर ही शेष है।



