जांजगीर चांपा
अंधविश्वास के चलते 10 लोगों ने एक बैगा की हत्या कर दी और फिर उसके शव को जंगल में दफना दिया।एक महिला सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।आरोपियों ने बैगा की हत्या पारस पत्थर के नाम पर की थी। आरोपियों को खबर मिली थी कि बैगा के पास चमत्कारी पारस पत्थर है और इसी को लेने के लिए सभी ने मिलकर बैगा की जान ले ली। मामला जांजगीर कोतवाली थाना क्षेत्र के मुनुंद गांव का है।

मुनुंद गांव में बाबूलाल यादव नाम का बैगा अपनी पत्नी के साथ रहता था। बाबूलाल गांव में बैगाई का काम करता था। बैगा की पत्नी रामवती यादव ने 9 जुलाई को कोतवाली थाना में पति के गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।8 जुलाई की रात कुछ लोग घर आये और उसके पति को झाड़ फूंक का बाहना कर अपने साथ ले गये।रात करीब 12 बजे फिर से 8 से 10 लोग घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाने लगे। दरवाजा खोलने पर आरोपियों के दवारा मारपीट करते हुए उसके हाथ एवं मुंह मे कपड़ा बांधकर घर के अंदर रखे नकदी 23 हजार, 2 नग सोना का फुल्ली, एक चांदी का पायल, दो जोडी चांदी की बिछिया ले लिए। साथ ही घर के पूजा स्थान के पास सब्बल से खुदाई कर फिर वापस चले गये।शिकायत के बाद एसपी विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुये जांच कर बैगा को खोजने के निर्देश दिये। पुलिस ने टेकचंद जायसवाल और राजेश हरवंश से कड़ाई से पूछताछ की।दोनों आरोपी अपना जुर्म कबूल करते हुये बताये कि बैगा बाबूलाल के पास पारस पत्थर होने की जानकारी उन्हें मिली थी।

पारस पत्थर को हासिल करने के लिए अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई। प्लानिंग के तहत ही सभी मिलकर बाबूलाल के घर गये और झाड़ फूंक से इलाज कराने के नाम पर उसे अपने साथ ले गये। जंगल में बाबूलाल से पारसमणी पत्थर के बारे में पूछने लगे। बैगा द्वारा नहीं बताने पर उसे जगंल में ही बंधक बनाकर रख लिए। इसके बाद सभी बैगा के घर जाकर उसकी पत्नी के हाथ पैर बांध पारस पत्थर खोजने लगे। चमत्कारी पत्थन नहीं मिलने से गुस्से में जंगल पहुंचे और बैगा की हाथ मुक्का व लाठी डंडा से बेदम पिटाई कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जंगल में ही गाड़ कर सभी अपने घर चले गये.पुलिस ने बैगा की पत्नी की शिकायत पर 458, 302, 395, 342, 201, 120बी, 34 भादबि पंजीबद्व कर सभी को गिरफ्तार कर सभी को आज न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा।



