
नई दिल्ली
राज्यसभा से आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें सुशील कुमार गुप्ता, संदीप पाठक और निर्दलीय सांसद अजीत कुमार भुयान शामिल हैं। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को राज्यसभा से 20 सांसदों को निलंबित किया गया था। निलंबित सांसदों में टीएमसी के सात, डीएमके के छह, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के तीन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के दो और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एक-एक सांसद शामिल हैं। (सीपीआई) और आम आदमी पार्टी (आप) के हैं। निलंबित सांसदों की संख्या अब 23 हो गई है। आज निलंबित किए गए सांसदों में छत्तीसगढ़ के रहने वाल संदीप पाठक भी शामिल हैं। संदीप मुंगेली जिले के लोरमी के रहने वाले हैं। पंजाब कोटे से उन्हें हाल ही में आम आदमी पाटी से राज्यसभा भेजा गया था।
निलंबित किए गए सांसदों ने इस फैसले के खिलाफ 50 घंटे के विरोध के तहत पहली रात बुधवार को संसद परिसर के खुले आसमान के नीचे बिताई। गुरुवार की सुबह उठने पर ये सांसद अपने मोबाइल फोन देखने, ऑनलाइन वीडियो और तस्वीरें साझा आदि करते नजर आए।
विरोध कर रहे सांसदों ने टेंट लगाने का अनुरोध भी किया था लेकिन अधिकारियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। प्रदर्शन कर रहे सांसदों को संसद के लाइब्रेरी के बाथरूम में शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।विपक्षी सांसदों के रवैये की आलोचना करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा था कि, ‘भगवान इन्हें सद्बुद्धि दे’। अपने निलंबन के खिलाफ 50 घंटे के धरने पर बैठी तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने कहा ने कि वो खाने की चीजों पर लगाए गए GST और महंगाई के मसले पर लगातार राज्य सभा में चर्चा की मांग कर रहे थे, सदन में चर्चा कराने की बजाय उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक के लिए उन्हें सस्पेंड किया गया है तब तक वो धरने पर बैठेंगे।आज सस्पेंड किए गए तीन सांसदों को इस सप्ताह तक के लिए निलंबित किया गया है। अगले सप्ताह यानी सोमवार से ये सांसद सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे।इसके अलावा मंगलवार को जिन 19 सांसदों को निलंबित किया गया था, उनके खिलाफ भी मौजूदा सप्ताह के लिए ही कार्रवाई की गई है। इससे पहले लोकसभा से 4 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है।



