दुर्ग। छत्तीसगढ़ के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता, फर्जी पीएचडी डिग्री, शासकीय वाहन के दुरुपयोग और आपराधिक न्यास भंग जैसे गंभीर आरोपों को लेकर कार्रवाई की गई है।
मामले में एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे के वेतन से 1,49,384 रुपये उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप भी शामिल है। इस संबंध में दुर्ग के मोहन नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत FIR दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
शासकीय वाहन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा आयुक्त ने दो सदस्यीय समिति गठित की थी। रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने सरकारी वाहन के निजी उपयोग और दुर्घटनाग्रस्त कार की मरम्मत के लिए बिना बीमा क्लेम के फर्जी बिल प्रस्तुत कर राशि निकालने संबंधी अनियमितताओं की पुष्टि की। वाहन के ओडोमीटर में करीब 5,000 किलोमीटर की कथित छेड़छाड़ का आरोप भी सामने आया है।
इसके अलावा, फर्जी पीएचडी डिग्री से जुड़े मामले की जांच निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने की है। शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें उच्च शिक्षा संचालनालय में मुख्यालय निर्धारित किया है।
विभागीय जांच के लिए अलग से आरोप पत्र जारी किया जाएगा। मामले में लगाए गए आरोपों पर आगे की कार्रवाई विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।



