रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लोगों को बिजली खर्च में राहत मिलने की मिसाल सामने आई है। पटनमपारा निवासी श्यामा मजूमदार के घर की बिजली जरूरतें अब सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं। पहले जहां हर महीने 300 से 500 रुपये तक बिजली बिल आता था, वहीं पिछले चार महीनों से उनका बिजली बिल शून्य दर्ज हो रहा है। घर की छत पर लगाए गए 3 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल से परिवार को बिजली खर्च में बचत हो रही है।
सूरज की रोशनी से घर रोशन, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में पहुंच रही
श्यामा मजूमदार के घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे घर की बिजली जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो रही हैं और हर महीने आने वाले बिजली बिल से राहत मिली है।
श्यामा के अनुसार, पहले बिजली बिल घरेलू खर्च का नियमित हिस्सा था। सोलर पैनल लगने के बाद बिजली खर्च की चिंता कम हुई है। घर में खपत से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में पहुंच रही है। इसके बदले उनके बिजली खाते में क्रेडिट भी जमा हो रहा है।
₹1.08 लाख की सब्सिडी से सोलर पैनल लगवाना हुआ आसान
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत श्यामा मजूमदार को सोलर पैनल लगवाने के लिए कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सहायता शामिल है।
इस आर्थिक सहयोग से उनके लिए घर पर सोलर पैनल लगवाना आसान हुआ। अब सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें नियमित बिजली खर्च में बचत का लाभ मिल रहा है।
सौर ऊर्जा से बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
श्यामा मजूमदार का अनुभव बताता है कि घरों में सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली खर्च कम करने में मददगार हो सकता है। वहीं, जरूरत से अधिक बिजली का ग्रिड में जाना भी इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सुकमा की श्यामा मजूमदार के घर में सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली बचत और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक उदाहरण बनकर सामने आया है।



