छत्तीसगढ़

हाथी प्रभावित गांवों में पहुंचे मंत्री राजेश अग्रवाल, नुकसान का लिया जायजा; पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने के निर्देश..

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के हाथी प्रभावित गांवों मरडीह, फुंगी और कुरमंतपारा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हाथियों के कारण हुए नुकसान की जानकारी ली। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को नियमानुसार जल्द मुआवजा दिलाने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

प्रभावित ग्रामीणों से मिले मंत्री, जानी समस्याएं

दौरे के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर हाथियों की गतिविधियों से उत्पन्न परेशानियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों, एसडीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत संबंधी कार्रवाई की समीक्षा की।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों से हुए नुकसान का गंभीरता से आकलन किया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत देने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

नुकसान का आकलन कर जल्द दें मुआवजा

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कर नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शासन गंभीर और संवेदनशील है। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नुकसान झेलने वाले परिवारों को उचित राहत दिलाना प्राथमिकता है।

हाथियों से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील

मंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें तथा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, एसडीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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