छत्तीसगढ़

​खेत से टोक्यो तक महकी नगरी दुबराज: महिला शक्ति ने गढ़ी वैश्विक सफलता की नई इबारत..

​रायपुर / धमतरी जिले का सुदूर नगरी अंचल आज देश-दुनिया में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। कभी स्थानीय खेतों और रसोईयों तक सीमित रहने वाला सुगंधित चावल ‘नगरी दुबराज’ आज राज्य की सीमाओं को लांघकर देश के महानगरों और जापान के बाजारों तक अपनी खुशबू बिखेर रहा है। इस अद्भुत बदलाव के पीछे किसी बड़े कॉरपोरेट घराने का हाथ नहीं, बल्कि गांव की उन महिला किसानों की दृढ़ इच्छाशक्ति है, जिन्होंने गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) की कमान संभालकर कृषि और महिला उद्यमिता का नया मॉडल खड़ा किया है।
​पारंपरिक विरासत को मिला जीआई टैग और संगठित बाजार
​’सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत नगरी दुबराज को केवल एक कृषि उपज के रूप में नहीं, बल्कि नगरी अंचल की पीढ़ियों पुरानी सांस्कृतिक और कृषि विरासत के रूप में देखा गया। इसकी विशिष्ट प्राकृतिक सुगंध और स्वाद को देखते हुए इसे जीआई टैग (GI Tag) प्राप्त हुआ। गट्टासिल्ली एफपीओ ने किसानों को संगठित कर पारंपरिक खेती को जैविक उत्पादन, मूल्य संवर्धन (Value Addition), आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग से जोड़कर एक प्रीमियम उत्पाद के रूप में बाजार में उतारा।

*​बदलाव की कर्णधार बनीं महिला किसान*

​इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी ताकत महिला नेतृत्व है। नगरी अंचल की महिलाएं अब केवल खेतों में काम करने तक सीमित नहीं हैं; वे एफपीओ के प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, सामूहिक सौदेबाज़ी और डिजिटल मार्केटिंग का फैसला खुद ले रही हैं। इस सामूहिक मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनमें उद्यमिता का नया आत्मविश्वास भरा है।

*​जापान तक पहुँची नगरी की सुगंध*

​गट्टासिल्ली एफपीओ की सफलता केवल स्थानीय मंडियों तक सीमित नहीं रही। गुणवत्ता मानक, जैविक पद्धति और वैज्ञानिक पैकेजिंग के बल पर नगरी दुबराज की खेप जापान भेजी गई है। इसके अलावा, भारत के विभिन्न राज्यों में भी इसकी भारी मांग है। इसने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और बाजार का साथ मिले, तो छत्तीसगढ़ के गांव का उत्पाद भी वैश्विक मंच पर छा सकता है।

*​डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर छाया नगरी दुबराज*

​बदलते दौर में उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच बनाने के लिए एफपीओ ने आधुनिक ई-कॉमर्स तकनीकों को अपनाया है। अब नगरी दुबराज अमेजन (Amazon), ओएनडीसी (ONDC) और ट्राइब्स इंडिया (Tribes India) जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध है। देश के किसी भी कोने में बैठा उपभोक्ता अब एक क्लिक पर नगरी के इस पारंपरिक चावल को अपने घर मंगवा सकता है।

*​जिला प्रशासन और ‘प्रदान’ संस्था का मिला मजबूत साथ*

​महिला किसानों की इस सफलता के पीछे धमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और गैर-सरकारी संगठन ‘प्रदान’ (PRADAN) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संस्था ने महिलाओं के क्षमता निर्माण (Capacity Building), जैविक कृषि प्रशिक्षण, संस्थागत मजबूती और बाजार से सीधे संपर्क (Market Linkage) स्थापित करने में तकनीकी व रणनीतिक सहयोग प्रदान किया।

*​’नगरी की पहचान—नगरी दुबराज’*

​गट्टासिल्ली एफपीओ का संकल्प नगरी दुबराज को केवल एक ब्रांड बनाना नहीं, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के गौरव के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी पहचान दिलाना है। यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब परंपरा, महिला नेतृत्व, आधुनिक तकनीक और सही बाजार रणनीति का संगम होता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत होती है।

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