बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र स्थित नरगोड़ा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव के नए तालाब में नहाने गए दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, नरगोड़ा के लुदियापारा निवासी किशोर कुमार खरे अपने परिवार के साथ रोजी-रोटी के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। वे अपने पिता के दशकर्म कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुरुवार को ही परिवार सहित गांव पहुंचे थे। रविवार को घर में धार्मिक कार्यक्रम होना था, लेकिन उससे पहले ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे किशोर कुमार खरे के दोनों बेटे ऋषभ कुमार खरे और रितेश कुमार खरे अपने दोस्त निहाल के साथ गांव के नए तालाब में नहाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों भाई पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों डूबने लगे।
घटना को देख साथ मौजूद दोस्त निहाल घबरा गया और दौड़कर गांव वालों तथा परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही ग्रामीण और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीण जोगीराम सूर्यवंशी समेत कई लोगों ने तालाब में उतरकर दोनों बच्चों की तलाश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला।
हालांकि तब तक दोनों मासूमों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना बताया गया है।
एक ही परिवार के दो बेटों की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। जिस घर में कुछ दिन बाद दशकर्म की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम और चीख-पुकार का माहौल है।



