रायपुर। पश्चिम एशिया संकट के बाद भी छत्तीसगढ़ में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम से बचना चाहिए।
राज्य सरकार लगातार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के संपर्क में है और ईंधन आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। केंद्र सरकार ने भी जानकारी दी है कि देशभर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
प्रदेश में लगभग 63.59 लाख घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मार्च 2026 में 35,000 टन की मांग के मुकाबले 35,073 टन (100%) एलपीजी उपलब्ध कराई गई, जबकि अप्रैल 2026 में 19 अप्रैल तक 20,619 टन एलपीजी राज्य को प्राप्त हो चुकी है। सभी चार एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
मार्च के दूसरे सप्ताह में अफवाहों के कारण एलपीजी की दैनिक बुकिंग 74,000 से बढ़कर 1,30,000 तक पहुंच गई थी, लेकिन अब यह घटकर औसतन 64,000 हो गई है, जो सामान्य स्तर को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि आपूर्ति सामान्य होने के कारण उपभोक्ताओं में घबराहट कम हुई है।
कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पर्याप्त है। अप्रैल 2026 में 1533 टन के मुकाबले 1745 टन (116%) एलपीजी उपलब्ध है, जिसमें से 19 अप्रैल तक 885 टन वितरित की जा चुकी है।
प्रदेश के 2465 पेट्रोल-डीजल पंप और तीन ऑयल कंपनियों के डिपो में भी ईंधन का पर्याप्त भंडार है। मार्च 2026 में पेट्रोल की मांग 1.01 लाख किलोलीटर के मुकाबले 1.27 लाख किलोलीटर (126%) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल में 19 अप्रैल तक 77,942 किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हुआ है। डीजल के मामले में मार्च में 1.64 लाख किलोलीटर की मांग के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183%) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल में अब तक 1.17 लाख किलोलीटर डीजल उपलब्ध कराया गया है।
ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य में सख्त कार्रवाई भी जारी है। अब तक 419 छापों में 3946 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 105 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही, सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और शिकायतों के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रित और पर्याप्त है, इसलिए आम जनता को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।



