बाराबंकी
जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक मनरेगा श्रमिक हैं। अभी तक इन्हें 237 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जा रहा था। केंद्र सरकार ने मजदूरी 15 रुपये बढ़ा दी है। यह दर एक अप्रैल से लागू हो गई है। पिछले वर्ष सात रुपये बढ़ाए गए थे। श्रमिक साढ़े तीन सौ रुपये प्रतिदिन की आस लगाए थे।
जिले में लगभग साढ़े तीन लाख मनरेगा श्रमिक हैं। इन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 237 रुपये ही दिए जा रहे थे। अब केंद्र सरकार ने इनकी मजदूरी में 15 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 237 रुपये प्रतिदिन कर दी है। मसौली के श्रमिक दिनेश रावत, जहांगीराबाद के पवन गौतम, आशीष, रामलाल, रामनगर के तेज कुमार, श्रवण, राम सजीवन ने बताया कि वह सौ दिन मनरेगा में काम करते हैं। महज 237 रुपये दिए जा रहे थे।
साढ़े तीन सौ रुपये करने की मांग की गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महज 15 रुपये ही बढ़ाए गए हैं, जबकि महंगाई एक वर्ष में काफी बढ़ी है। अब मनरेगा में काम करना धीरे-धीरे बंद करेंगे, कुछ और कार्य देखेंगे, जिसकी कमाई से परिवार तो चल सके। पांच वर्षों में सिर्फ 50 रुपये बढ़ा गए हैं। वर्ष 2022 में 11, 2023 में 17, 2024 में सात रुपये बढ़ाए गए थे।
इन मजदूरों को मिला काम
जिले में करीब दो लाख सक्रिय लोग मजदूरी करते हैं। अप्रैल 2024 से लेकर अब तक 77 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इसमें एक लाख 37 हजार 381 मजदूरों ने काम किया है। जबकि 16 हजार 327 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने सौ दिन मनरेगा में काम किया है।
किस वर्ष कितना था मनरेगा मजदूरी
2021 202 रुपये
2022 213 रुपये
2023 230 रुपये
2024 237 रुपये
2025 252 रुपये
फैक्ट फाइल
विकास खंड -15
ग्राम पंचायतें-1155
जाबकार्डों की संख्या-3,53,237
सक्रिय जाबकार्ड-2,49,282
2024-25 में मानव दिवस -77.23 लाख