पटना
जन जागरूकता एवं सतत प्रयास के कारण बिहार में पटना नगर निगम के राजस्व में पिछले तीन वर्षों में 86.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन वर्षों राजस्व में 86.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष पटना नगर निगम को 132 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि इस वर्ष नगर निगम को 180 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम ने संपत्ति कर और कचरा शुल्क सहित कई मदों से लगभग 180 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
गौरतलब है कि पटना नगर निगम के प्रयास से पुराने होल्डिंग टैक्स भुगतान करने वालों के साथ इस बार 16000 फ्लैट (अपाटर्मेंट) को भी नए संपत्ति करदाताओं के रूप में जोड़ा गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल राजस्व संग्रहण में 86.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पटना नगर निगम द्वारा निरंतर अपने संसाधन से नगर निगम का संचालन एवं संरचनात्मक विकास में एक महत्वपूर्ण सफलता है। नगर निगम के सभी छह अंचलों से कुल करदाताओं में से 60 फीसदी करदाताओं ने संपत्ति कर का भुगतान ऑनलाइन किया है वहीं 40 फीसदी लोगों ने निगम के काउंटर पर नकद और चेक से किया है। पटना नगर निगम द्वारा घर बैठे संपत्ति कर का भुगतान करने की सुविधाओं का शहर वासियों को लाभ प्राप्त हुआ है। आम जनों द्वारा ऑनलाइन में वाट्सएप चैटबॉट, क्यूआर कोड और नगर निगम के पोटर्ल पर जाकर घर बैठे भुगतान किया है। इस बार बड़े और छोटे बकायेदारों ने भी संपत्ति कर का भुगतान किया है।
नए वित्तीय वर्ष के आरंभ के साथी आम जनों को संपत्ति करके भुगतान पर पांच प्रतिशत का छूट दिया जाएगा यह सुविधा एक अप्रैल से लेकर 30 जून तक लागू होगी। गौरतलब है कि पटना नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन माह (अप्रैल, मई एवं जून ) में पांच प्रतिशत की छूट एवं मध्य के तीन महीने (जुलाई, अगस्त, सितंबर) न छूट नहीं जुर्माना एवं अंतिम के छह महीना (अक्टूबर से मार्च तक) में 1.5 प्रतिशत का जुर्माना देना होता है।