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गजब! विकास दुबे और उसके साथियों ने नहीं कब्जाई किसी की जमीन, नहीं मिली कोई भी शिकायत

 कानपुर 
पूरे देश में जिस विकास दुबे के दुस्साहस की चर्चा हुई उसने किसी की भी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं किया था। कम से कम शिकायतों के रिकॉर्ड से तो यही पता चला है। इसे दुर्दांत अपराधी का खौफ कहें या फिर सरकार तंत्र की लीपा-पोती विकास और उसके गुर्गों के खिलाफ किसी भी थाना दिवस या तहसील दिवस में कोई शिकायत नहीं मिली है। करीब आधा दर्जन सरकारी विभागों की रिपोर्ट भी यही कह रही है। जिला प्रशासन ने रिपोर्ट एसआईटी को भेज दी है। हालांकि उसकी शह पर बिकरू गांव के तीन किसानों की करीब तीन हेक्टेयर जमीन पर कब्जा किए जाने की मौखिक शिकायत जरूर की गई है।

जिला प्रशासन ने विकास दुबे और उसके गुर्गों की ओर से कब्जा की गई जमीनों पर तहसील और थाना दिवस में की गई शिकायतों की रिपोर्ट तलब की थी। बिकरू गांव की न्याय पंचायत दिलीप नगर के बोझा, विरोहा, मरहमतनगर, कीरतपुर, बसेन, भीटी, पूरा बुजुर्ग, देवकली, शिवराजपुर, कंजती और रामपुर सखरेज आदि गांवों में जांच कराई गई। बिल्हौर तहसील, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, पंचायत, केडीए, नगर निगम, हाईवे अथॉरिटी समेत अन्य विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। जांच में पाया गया कि तहसील व थाना दिवसों में विकास दुबे व उसके साथियों के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं आई। एडीएम फाइनेंस वीरेंद्र पांडेय ने इसकी पुष्टि की।

विकास की शह पर तीन हेक्टेयर जमीन पर कब्जा
बिल्हौर तहसील की रिपोर्ट के मुताबिक विकास दुबे की शह पर बिकरू गांव के तीन किसानों की करीब तीन हेक्टेयर जमीन पर कब्जा जरूर किए गया है। इसमें बताया गया है कि गफूर खां की जमीन पर छोटे,  अब्दुल जमील की जमीन पर गयादीन और रहीस की जमीन पर रामचंद्र का कब्जा है। सभी ने मौखिक रूप से बताया है कि विकास दुबे की सहमति से कब्जा किया था।

भूमाफिया पोर्टल पर भी नहीं हुई शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक विकास दुबे और उसके साथियों के खिलाफ भूमाफिया पोर्टल पर भी कोई शिकायत नहीं हुई है। राजस्व विभाग की टीम ने पूरा पोर्टल खंगाला है। उस पर जमीन कब्जाने व धमकाने समेत अन्य कोई शिकायत नहीं हुई है।

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