छत्तीसगढ़

सदन में अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा गूंजा..मुख्यमंत्री का सदन में ऐलान, विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित..

रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को अनियमित, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितिकरण का मामला उठा. चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक हुई. नियमितिकरण  के मुद्दे पर हंगामा इतना बढ़ा कि कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा. सीएम ने कहा कि विधि विधायी विभाग से अभिमत भी यथाशीध्र प्राप्त करने के लिए वे अधिकारियों को निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में जो बातें कहीं गई है, उसका निश्चित तौर पालन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि संविदा और अनियमित, दैवेभो कर्मियों को रेगुलर करने प्रमुख सचिव विधि विधाई, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, सचिव वित्त, सचिव पंचायत और सचिव आदिम जाति की एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी की बैठक 9 जनवरी 2020 को हुई थी। कमेटी की अनुशंसा थी कि विभागों से डिटेल मंगाया जाए और विधि विधायी विभाग से अभिमत लिया जाए।

मुख्यमंत्री के जवाब पर अजय चंद्राकर और शिवरतन शर्मा ने कहा कि जब 2019 में कमेटी बनाई गई और जनवरी 2020 में कमेटी ने अनुशंसा की तो ढाई साल तक इस पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई। विपक्ष ने इस बात पर हंगामा किया कि सरकार अपने घोषणा पत्र पर क्रियान्वयन नहीं कर रही। मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा किया। इसको देखते स्पीकर चरणदास महंत ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि कई विभागों से कर्मचारियों का डिटेल आ गया है। जल्द उस पर कार्यवाही की जाएगी।मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया.

 

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