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भारत में 86% कोरोना केस सिर्फ 10 राज्यों में

नई दिल्ली
देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति चिंताजनक है? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को तो कम-से-कम यह नहीं मानता है। मंत्रालय का कहना है कि भारत अभी तक दुनिया के गिने-चुने देशों में शामिल है जहां प्रति 10 लाख कोरोना के न्यूनतम मामले सामने आए। स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसडी ने कोरोना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अलग-अलग ग्राफ के जरिए इसका विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने बड़ी बात कही कि भारत में 86% कोरोना केस सिर्फ 10 राज्यों तक सीमित हैं। ऐसा नहीं है कि हर राज्य में कोरोना का संक्रमण एक रफ्तार से ही बढ़ रहा है।

महाराष्ट्र और तमिलनाडु में देश के आधे कोरोना केस
मंत्रालय ने बताया, 'अभी भी देश के 86% कोरोना केस सिर्फ 10 राज्यों तक ही सीमित है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु देश के सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। इन दोनों राज्यों में देश के आधे यानी 50 प्रतिशत (1,54,134) केस हैं। वहीं, शेष 36 प्रतिशत (1,11,068) केस कर्नाटक, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल और गुजरात में हैं।'

इन बड़े राज्यों में कोरोना की स्थिति बेहतर
मंत्रालय के ओएसडी ने कहा कि देश के कई बड़े राज्य इन 10 राज्यों की सूची में नहीं हैं, जैसे- बिहार, एमपी, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल आदि। यानी, देशभर में एक ही गति से कोविड-19 का फैलाव नहीं हो रहा है। सिर्फ 10 राज्य ही हैं जहां कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।

ऐक्टिव केस से मुकाबले रिकवर्ड केस में वृद्धि
उन्होंने बताया कि देश में इलाजरत कोविड-19 मरीजों और इलाज के बाद घर लौट चुके मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे बड़ा अंतर आ रहा है। उन्होंने कहा कि मई के आखिर में रिकवर्ड केसों की संख्या ऐक्टिव केसों में मुकाबले बढ़ने लगी और यह ट्रेंड धीरे-धीरे जोर पकड़ता जा रहा है। उन्होंने बताया, 'मई के अंतिम सप्ताह तक कोविड-19 मरीजों (ऐक्टिव केस) की संख्या ठीक हुए मरीजों (रिकवर्ड केस) से ज्यादा थे, लेकिन उसके बाद स्थिति बदलने लगी और अब रिकवर्ड केस की संख्या मरीजों की संख्या से ज्यादा होने लगी है और इसका अंतर लगातार बढ़ता ही जा रहा है।'

देश का औसत रिकवरी रेट 63% के पार
मंत्रालय ने बताया कि 14 जुलाई को देशभर में 3 लाख, 11 हजार, 565 कोविड-19 मरीज हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो यह ऐक्टिव केस की संख्या है जबकि अब तक 5 लाख, 71 हजार, 459 लोग ठीक होकर घरों को जा चुके हैं। मतलब साफ है कि कोविड-19 के जितने नए मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, उनसे कहीं ज्यादा तादाद में मरीज अस्पताल से छूट रहे हैं। देश में अभी रिकवर्ड केस की संख्या ऐक्टिव केस की संख्या के 1.8 गुना तक पहुंच चुका है। 3 मई को रिकवरी रेट 26.50% था जो 31 मई तक यह 47.76% तक पहुंच गया और 12 जुलाई तक 63.02% पर चला गया है। खुशी की बात है कि 20 राज्यों की रिकवरी रेट 63.02% के नैशनल रिकवरी रेट से ज्यादा है। इनमें 87% की रिकवरी रेट के साथ लद्दाख टॉप पर है।

 

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