मध्य्प्रदेश

ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों पर लगाम कसने की तैयारी में पुलिस

जबलपुर
भोले भाले एवं बेरोजगार लोगों के साथ ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों तथा सूदखोरों पर जल्द ही पुलिस लगाम कसने की तैयारी में है। लगातार मिल रहीं शिकायतों को ध्यान में रखकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने चिटफंड कंपनियों के साथ सूदखोरी का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्लान तैयार किया है। जिसे जल्द ही अमलीजामा महनाते हुए पुलिस अभियान चलाकर चिटफंड कंपनियों एवं उनके कर्ताधर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।

सूत्रों के मुताबिक शहर के साथ देहात थाना क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के भोलेपन का फायदा उठाकर चिटफंड कंपनियों के एजेंट लुभावने आॅफर देते हैं। उसके बाद लोगों से कंपनी की पॉलिसियों में धन का निवेश कराया जाता है। जब निवेश की राशि बढ़ जाती है तो संबंधित कंपनी और उसके आॅनर गरीबों द्वारा किए गए निवेश की राशि हड़पकर कंपनी बंद कर देते हैं और खुद फरार हो जाते हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने इस तरह की चिटफंड कंपनियां चलाने वालों तथा लोगों से ब्याज के नाम पर उनके  खून पसीने की कमाई हड़पने वाले सूदखोरों के खिलाफ सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक जानकारी जुटाकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बैठक में सभी एएसपी, सीएसपी एवं एसडीओपी भी उपस्थित थे। इसके साथ ही गुंडा, बदमाशों पर लगाम लगाते हुए सोशल मीडिया पर नजर रखने के भी निर्देश दिए हैं।

चिटफंड कंपनियों द्वारा जिले के सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा चुका है। पिछले करीब एक-डेढ़ साल में दर्जन भर से अधिक चिटफंड कंपनियों के खिलाफ लोग शिकायत कर चुके हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई मामलों में चिटफंड कंपनियां फर्जी नाम, पता और आईडेंटिडी के आधार पर तैयार कर लोगों के साथ ठगी की जाती है, जबकि कुछ चिटफंड कंपनियां प्रदेश के बाहर की होती हैं। जिनके द्वारा चेन बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की जाती है।

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने सभी थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी शिकायतों की बारीकी से जांच करें। इसके लिए जांच टीम अलग से भी तैयार की जा सकती है, जो हर शिकायत की गंभीरता से परीक्षण कर विवेचना करेगी। इसके बाद सीधे संबंधित कंपनी और आॅनर से लेकर स्टाफ के लोगों तक के खिलाफ एफआईआर दर्ज क ी जाएगी। बताया जा रहा है कि एसपी  स्वयं समय-समय पर इसकी मॉनीटरिंग कर अधिकारियों को दिशा निर्देश देंगे।

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