बिलासपुर। जिले में सेना का जवान 21 साल की सेवा के बाद रिटायर होकर अपने घर पहुंचा तो लोगों ने दूल्हे की तरह उनका स्वागत किया। रेलवे स्टेशन में ढोल-बाजे और फूल माला लेकर लोग पहुंचे, तब यात्रियों को लगा कि कोई मंत्री या नेता का स्वागत करने के लिए समर्थक पहुंचे हैं। लेकिन, जब रिटायर्ड फौजी ट्रेन से उतरा, तब भीड़ ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इसके बाद रैली के साथ उन्हें अपने गांव लेकर पहुंचे। सकरी क्षेत्र के ग्राम पांड में जन्मे मनोज कौशिक 24 मार्च 2003 को सेना में भर्ती हुए थे। 21 साल देश की सेवा करने के बाद 31 मार्च को उनकी सेवानिवृत्ति हुई। जिसके बाद वो लौटकर बिलासपुर पहुंचे। उनके घर लौटने की खबर मिलते ही गांव के लिए स्वागत करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गए।सशस्त्र सेना में तैनात जवानों के प्रति सम्मान, आदर और क्रेज समाज के हर व्यक्ति के मन में है। जैसे ही सैनिकों की कोई खबर शहर और गांव में पहुंचती है तो हर कोई उनका उत्साह वर्धन करने पहुंच जाता है। उसी तरह रेलवे स्टेशन परिसर में मनोज कौशिक को देखकर लोगों की भीड़ पहुंच गई। विकास वर्मा, शारदा वर्मा, अदिति वर्मा और कौशल कौशिक सहित अन्य युवा साथियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान स्टेशन परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
पांड गांव के दुर्गाप्रसाद कौशिक और माता सरस्वती कौशिक के बेटे मनोज इंडियन आर्मी में इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिकल इंजीनियर रेजीमेंट के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम बिरकोना में की, जिसके बाद अपने मामा गांव तखतपुर क्षेत्र के नगोई में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की। उन्होंने आठवीं कक्षा में तखतपुर ब्लॉक में प्रथम स्थान हासिल किया था। मनोज बचपन से ही होनहार थे।