छत्तीसगढ़

धमतरी: ‘निदान-03’ शिविर से 9 साल की लावण्या को मिला सहारा, कैलिपर पहनकर बढ़ाए अपने कदम..

रायपुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘निदान-03’ विशेष शिविर ने नौ वर्षीय लावण्या साहू और उसके परिवार के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। राजिम क्षेत्र के ग्राम खर्रा की रहने वाली लावण्या को उसकी जरूरत के अनुसार कैलिपर उपलब्ध कराया गया। इसे पहनकर जब उसने धीरे-धीरे अपने कदम आगे बढ़ाए, तो माता-पिता की आंखें खुशी से भर आईं।

लावण्या के लिए दूसरे बच्चों की तरह चलना-फिरना और खेलना परिवार का एक बड़ा सपना रहा है। बेटी के भविष्य को लेकर उसके माता-पिता हेमंत कुमार साहू और क्षत्रिका साहू हमेशा चिंतित रहते थे। वे चाहते थे कि उनकी बेटी आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन जी सके और पढ़ाई सहित रोजमर्रा के कामों में आत्मनिर्भर बन सके।

‘निदान-03’ शिविर से मिली मदद

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत धमतरी में जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में ‘निदान-03’ विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीशियनों की टीम ने लावण्या के पैरों की स्थिति की जांच की। उसकी जरूरत के अनुसार पैरों का नाप लेकर उसे मजबूत और आरामदायक कैलिपर उपलब्ध कराया गया।

कैलिपर मिलने के बाद लावण्या ने धीरे-धीरे चलने का प्रयास किया। उसके कदम आगे बढ़ते देख वहां मौजूद लोगों ने खुशी जाहिर की। यह पल उसके माता-पिता के लिए बेहद भावुक रहा, क्योंकि वे लंबे समय से अपनी बेटी को आत्मविश्वास के साथ चलते देखना चाहते थे।

बेटी के भविष्य को लेकर बढ़ा भरोसा

लावण्या के पिता हेमंत साहू ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के लिए कैलिपर केवल एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद है। उन्हें विश्वास है कि इससे लावण्या को स्कूल जाने, पढ़ाई करने और रोजमर्रा के कामों में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल

‘निदान-03’ शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों की जरूरतों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकें।

लावण्या साहू की कहानी बताती है कि समय पर सहायता और उचित उपकरण मिलने से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कैलिपर के सहारे आगे बढ़ते उसके नन्हे कदम परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। अब परिवार को भरोसा है कि लावण्या आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई और भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकेगी।

Leave a Reply

Back to top button