छत्तीसगढ़

सूरज की रोशनी से रोशन हुआ मनोज का घर, 3 किलोवाट सोलर प्लांट से बिजली बिल हुआ शून्य..

रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कुड़कई निवासी मनोज कुमार कश्यप ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाया है। करीब तीन महीने पहले लगाए गए इस सोलर सिस्टम के बाद उनके परिवार के बिजली खर्च में कमी आई है और वर्तमान में उनका बिजली बिल शून्य होने की बात सामने आई है।

पहले हर महीने आता था करीब 1300 रुपये का बिल

मनोज कुमार कश्यप के अनुसार, सोलर पैनल लगवाने से पहले उन्हें हर महीने करीब 1,300 रुपये बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। सोलर सिस्टम लगने के बाद घर की बिजली जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा हो रहा है, जिससे उनके बिजली खर्च में राहत मिली है।

मनोज के मुताबिक, घर की जरूरत से अधिक बिजली बनने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भी भेजी जा रही है। इसी वजह से उनके बिजली खाते में माइनस बिल की स्थिति भी बनी है।

ऋण और सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना

मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने घर में सोलर प्लांट लगवाने के लिए बैंक से ऋण लिया था। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है।

PM-Surya Ghar योजना के तहत पात्र आवासीय उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार पहले 2 किलोवाट क्षमता तक बेंचमार्क लागत का 60 प्रतिशत और अतिरिक्त 1 किलोवाट क्षमता के लिए 40 प्रतिशत तक CFA का प्रावधान है।

बिजली बचत के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन

मनोज के घर में लगा 3 किलोवाट का सोलर प्लांट अब केवल बिजली खर्च कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में भेजने का अवसर भी दे रहा है।

मनोज का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद परिवार को बिजली खर्च में राहत मिली है। उनके अनुसार, घर की छत अब बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ ऊर्जा उत्पादन का माध्यम भी बन गई है।

1 करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार की PM-Surya Ghar Muft Bijli Yojana को 13 फरवरी 2024 को शुरू किया गया था। योजना का लक्ष्य एक करोड़ आवासीय घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करना है। इसके लिए कुल ₹75,021 करोड़ का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। योजना में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्रीय वित्तीय सहायता देने का प्रावधान भी है।

योजना के तहत रूफटॉप सोलर से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की व्यवस्था भी की गई है। इससे घरेलू उपभोक्ता अपनी बिजली जरूरतों के साथ अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग कर सकते हैं।

मनोज के घर से दिखी सौर ऊर्जा की तस्वीर

ग्राम कुड़कई के मनोज कुमार कश्यप का अनुभव रूफटॉप सोलर के जरिए घरेलू स्तर पर बिजली उत्पादन का एक स्थानीय उदाहरण है। उनके घर में लगाए गए 3 किलोवाट के संयंत्र से बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा भी मिल रही है।

मनोज के लिए सोलर प्लांट आर्थिक बचत के साथ स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने का माध्यम बना है।

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