धर्म

होली के शुभ अवसर पर शुक्र का मीन राशि में प्रवेश, सिंह समेत इन राशियों पर बरसेगा भाग्य का रंग

होली को ‘रंगों का त्योहार’ कहा जाता है और दिवाली के बाद दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. इसे हिंदुओं के सबसे रोमांचक त्योहारों में से एक माना जाता है और पूरे देश में बड़े जोश के साथ मनाया जाता है. बताया जाता है कि यह त्योहार बसंत के आने और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. होली के पहले दिन को होलिका दहन होता है और उसके बाद दूसरे दिन को रंगवाली होली या धुलंडी कहते हैं, जो सूखे गुलाल और पानी के रंगों का जश्न मनाने का एक बड़ा दिन है. इस बीच ग्रह भी अपना रंग दिखाने वाले हैं.

होली का त्योहार 3 मार्च को मनाया जाएगा. इसी दिन शुक्र ग्रह मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं. त्योहार के दिन धन, विलासिता और समृद्धि के कारक शुक्र का गोचर बारह राशियों में से तीन राशियों के लिए अप्रत्याशित लाभ लेकर आने वाला है. हालांकि शुक्र का मीन राशि में गोचर, होली का त्योहार और साथ ही शुक्र व शनि की युति होना कुछ राशियों के लिए नकारात्मक प्रभाव डालेगा. विशेष रूप से सिंह, मेष और धनु राशि वालों के लिए ये समय बहुत अच्छा रहने वाला है. आइए जानते हैं कि इन तीनों राशियों के कैसे दिन रहेंगे…

सिंह राशि
यह कहना गलत नहीं होगा कि होली का त्योहार सिंह राशि वालों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा. इस राशि के लोगों के जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी. भाग्य अप्रत्याशित रूप से दस्तक देगा. विदेश यात्रा की इच्छा रखने वालों के लिए यह अच्छा समय है. हर तरह से सफलता मिलेगी.

मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए यह होली का त्योहार बहुत ही शानदार रहेगा. इससे उन्हें आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों ही दृष्टि से लाभ मिलेगा. विशेष रूप से, आय में वृद्धि होगी. विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त होंगे, आर्थिक परेशानियां दूर होंगी. वे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे.

धनु राशि
होली के त्योहार और शुक्र के गोचर के कारण मार्च माह में इस राशि के जातकों की आय में वृद्धि होगी. इसी प्रकार, करियर के मामले में भी लाभ मिलेगा. वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा. घर और बाहर दोनों जगह खुशनुमा माहौल रहेगा.

इस बार होलिका दहन कब है?
इस बार चंद्र ग्रहण के चलते परेशानी आई है. चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है इसलिए सूतक काल के कारण 3 मार्च को होलिका दहन पूजा नहीं की जाएगी. होलिका दहन पूजा 2 मार्च 2026 को पारंपरिक पंचांग के समय के अनुसार शाम से अगले दिन तक की जाएगी और धुलेंडी या रंग वाली होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी.

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