गाजियाबाद
गाजियाबाद नगर निगम ने डीएम सर्किल रेट से लगाए गृहकर की दरों को शासन के आदेश पर संशोधित कर दिया है। बढ़ाए गए डीएम सर्किल रेट की दरों में कटौती के बाद अब करदाताओं को 10 से 15 फीसदी तक बढ़ा गृहकर देना होगा। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की छूट के नियमों को भी लागू कर दिया गया है। इससे नगर निगम क्षेत्र के साढ़े चार लाख करदाताओं को राहत मिलेगी।
निगम मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता में मेयर सुनीता दयाल, विधायक अजीतपाल त्यागी और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि गत वित्त वर्ष डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर बढ़ाया गया था। इसका स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न संगठन विरोध कर रहे थे। सदन में भी पार्षदों ने विरोध जताया। तीन पूर्व पार्षद निगम के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, जहां अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। नगर आयुक्त ने बताया नगर विकास विभाग ने गृहकर की बढ़ी दरों को संशोधन करने के आदेश दिए हैं।
समय पर गृहकर जमा वालों को ही मिलेगा छूट का लाभ
नगर आयुक्त ने बताया शासन के आदेश पर वर्ष 2024 से पहले की दरों के आधार पर निर्धारित टैक्स से वर्तमान की जो दर लागू हैं उस पर सभी छूट देने के बाद लगभग 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। करदाता सभी तरह की छूट का लाभ लेकर टैक्स जमा कर सकते हैं। जो करदाता समय पर गृहकर जमा नहीं करेंगे, उन्हें छूट का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे करदाताओं के लिए 20 फीसदी टैक्स बढ़ेगा। इस तरह शहर के साढ़े चार लाख से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि जो करदाता बढ़ी दर से गृहकर जमा कर चुके हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं हैं। उनके बढ़े टैक्स को अगले तीन साल में समायोजित किया जाएगा। करदाताओं को कम हाउस टैक्स जमा करना होगा। उनका कम टैक्स खुद सॉफ्टवेयर में अपडेट हो जाएगा।
नई दर से व्यावसायिक संपत्ति को राहत नहीं
पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने बताया कि शहर की लगभग 40 फीसदी संपत्ति कमर्शियल है। नई दर के हिसाब से कमर्शियल प्रॉपर्टी को अभी भी लगभग तीन गुना टैक्स देना होगा। उन्हें इसमें किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। केवल आवासीय कर में ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती होगी
मेयर सुनीता दयाल ने स्पष्ट किया कि टैक्स में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टैक्स कम करने के नाम पर लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी जोनल कार्यालय में लोगों को टैक्स कम करने के नाम पर परेशान किया जा रहा है तो इसकी शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ कर निर्धारण होगा। लोग सेल्फ एसेसमेंट करके भी कर निर्धारण कर सकते हैं। हाउस टैक्स जमा करने के लिए जोनल कार्यालय पर शिविर लगाए जाएंगे।
ये छूट भी मिलेंगी
मेयर सुनीता दयाल ने बताया एक अप्रैल से छूट के नए नियम लागू हो गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने पर दो फीसदी छूट मिलेगी। अभी तक एक फीसदी छूट करदाताओं को मिल रही थी। घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कूड़े को अलग करने पर पहली बार 10 फीसदी छूट दी जाएगी। 10 वर्ष पुराने भवनों पर निर्धारित एआरवी पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। 10 साल से 20 साल तक पुराने भवनों की 32.5% की छूट मिलेगी। 20 साल से पुराने भवन पर 40% की छूट दी जाएगी।
नई दर पर इस तरह वसूला जाएगा टैक्स
निगम सड़क की चौड़ाई को तीन श्रेणी में बांटकर प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से गृहकर वसूल रहा है। पहली श्रेणी 12 मीटर चौड़ी वाली सड़क है। दूसरी श्रेणी 12 से 24 मीटर तक चौड़ी सड़क है। तीसरी श्रेणी 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क है। निगम 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 3.50 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये के हिसाब से टैक्स वसूल रहा था। इसे कम कर अब 2.28 रुपये किया है। यानी की 1.22 रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाएगा। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर 3.75 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जा रहा था। संशोधन के बाद 2.81 रुपये प्रति वर्ग फुट रुपये टैक्स लिया जाएगा। इस तरह 94 पैसे कम हुए हैं। 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन से 4.00 रुपये लिए जा रहे थे। अब 3.40 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। यानी की 60 पैसे टैक्स में कम हुए हैं।
ढाई लाख करदाता बिना ब्याज के जमा कर सकेंगे
नगर आयुक्त ने बताया पिछले वित्त वर्ष में ढाई लाख से ज्यादा करदाताओं ने गृहकर जमा नहीं कराया है। नियमानुसार कर जमा नहीं कराने पर वित्त वर्ष यानी की 31 मार्च खत्म होने पर 12 फीसदी ब्याज लग जाता है। शासन के आदेश पर फिलहाल ब्याज नहीं लगाया जा रहा है। करदाता ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट के साथ पिछले वित्त वर्ष का टैक्स 15 अप्रैल से लेकर 15 जुलाई तक जमा करा सकेंगे। ब्याज से बचने और 20 फीसदी छूट का लाभ लेने का यह आखिरी मौका है।
पुरानी दरों को लागू नहीं किया जा सका
निगम वर्ष 2023 तक पुराने नियम से हाउस टैक्स वसूलता था। वर्ष 2025-26 से डीएम सर्किल रेट की दर से गृहकर वसूला जा रहा है। वर्ष 2023 में 12 मीटर चौड़ी सड़क वाले भवन पर 1.61 रुपये का हिसाब से टैक्स लगता था। 12 से 24 मीटर चौडी सड़क के भवन पर टैक्स दर 2.00 रुपये थी। वहीं, 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले भवन का टैक्स दर 2.41 रुपये था। शहर के लोग इन दरों से ही गृहकर लगाने की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन के आदेश पर डीएम सर्किल रेट की दरों में ही कटौती की गई है। नई दरों से गृहकर में राहत देने के फैसले को लोगों ने सराहा है।
सुनीता दयाल, मेयर, ''गृहकर की दरों में कटौती होने से जनता को राहत मिलेगी। करदाता बिना ब्याज के गत वर्ष का पुराना हाउस टैक्स जमा करा सकेंगे। उन्हें 20 फीसदी छूट भी दी जाएगी। छूट के सभी नए नियम लागू हो गए हैं।''



