चंडीगढ़.
हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने राज्य भर के बिजली अधिकारियों की बैठक में बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं से 8247 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। इसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 3573 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 4674 करोड़ रुपये की रिकवरी शामिल है।
राज्य के सरकारी विभागों से भी 585 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है, जिसके तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 319 करोड़ रुपये और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 266 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रस्तावित है।
बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली अधिकारियों से कहा कि वे वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं पर बकाया राशि लंबित है और उन्होंने उसी संपत्ति पर नया बिजली कनेक्शन ले लिया है, उनके विरुद्ध नियम-8 के तहत कार्रवाई कर चार्जशीट दाखिल की जाए।
ऐसे कुल 3224 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 202 उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 3022 दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया जाएगा, जो तीन माह के भीतर कार्रवाई पूर्ण करेंगी। बिजली मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले एक वर्ष के भीतर राज्य के सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि प्रदेश इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।
उन्होंने इसे राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए गहनता से क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अधिकतम पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड भी स्थापित किया गया है। विज ने घोषणा की कि अपने सर्कल में सर्वाधिक सोलर सिस्टम स्थापित करवाने वाले अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में राज्य भर से आए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता और विजिलेंस विंग के अधिकारी भी शामिल हुए।



