हरियाणा
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत की फैक्ट्रियों पर दिखने लगा है. हरियाणा के फरीदाबाद में भी हाल वही है. यहां उद्योगपतियों की परेशानी बढ़ गई है वजह है लागत में गिरावट, कच्चे माल की कमी और सबसे बड़ी टेंशन, मजदूरों का पलायन. कुछ मजदूर तो शहर छोड़ चुके हैं बाकी भी अपने गांवों की ओर जा रहे हैं. असल में, गैस का संकट बड़ा सिरदर्द बन गया है. मजदूरों को एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहे और जो मिल रहे हैं वो काफी महंगे हैं. कई मजदूर तो छुट्टी लेकर गए थे अब वापस ही नहीं आ रहे. गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें हैं लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखती है.
बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं
फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान हेमंत शर्मा ने कहा युद्ध का जीता-जागता असर डायरेक्ट तो ज्यादा नहीं है, लेकिन इनडायरेक्ट इम्पैक्ट बहुत है. खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल आयात करते हैं और वह महंगा हो गया है. लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ चुकी है प्लास्टिक दाना समेत तमाम बेसिक चीजें महंगी हो गई हैं. हमारी सबसे बड़ी समस्या यहां एलपीजी गैस की है कीमत आसमान छू रही है. कर्मचारियों को किचन गैस नहीं मिल रही किराए के मकानों में रहते हैं अब मजबूर होकर वापस गांव जा रहे हैं. लेबर की कमी हो गई है.
फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है
राजेश शर्मा जो मारुति के टीयर टू सप्लायर हैं, बताते हैं हमारे यहां कच्चा माल मिलना ही मुश्किल हो चुका है. कस्टमर डबल शेड्यूल मांग रहे हैं सब अपने पास स्टॉक करना चाहते हैं पर कच्चा माल नहीं मिल रहा. दूसरी परेशानी लेबर की है. कर्मचारी कम होते जा रहे हैं. लॉकडाउन को लेकर मजदूरों की बीच अफवाहें फैली हैं उन्हें लगता है कहीं फिर लॉकडाउन लग गया तो फंस जाएंगे जैसे 2020 में हुआ था. सिलेंडर की असली दिक्कत नहीं है मिल तो रहे हैं पहले 100 से 200 रुपये में मिल जाते थे, लेकिन अब सिलेंडर ढाई हजार में भी नहीं मिल रहे अफवाहें फैल चुकी हैं. मेरे यहां से करीब 20 लोग जा चुके हैं कोई बीमारी का बहाना, कोई दूसरी प्रॉब्लम बता रहे हैं असल में सब डर के मारे गांव निकल गए हैं. इधर ना कच्चा माल है ना लेबर फैक्ट्री चलाना भारी मुश्किल हो गया है.
हिसाब से इस्तेमाल करें
प्रधान हेमंत शर्मा बताया इस समय संयम रखने की जरूरत है. चाहे पेट्रोल हो, डीजल हो, गैस हो उसे जमा ना करें बस जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें. देश की जनता को संयमित रहना चाहिए ताकि सब मिलकर हालात का सामना कर सकें. हमें अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है पर अफवाहों में बहना ठीक नहीं.



