नई दिल्ली
PM Kisan Yojana की 22वीं किस्त के एक सप्ताह बाद मोदी सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने कपास के किसानों के लिए कपास सीजन 2023-24 के लिए 1718.56 करोड़ रुपये की MSP फंडिंग को मंजूरी दी। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह मंजूरी दी गई। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को इस मंजूरी के तहत 1718.56 करोड़ रुपये की MSP के लिए फंडिंग दी जाएगी। यह फंडिंग कपास वर्ष 2023-24 के लिए है। इस फंडिंग का लक्ष्य कपास के किसानों को सीधे तौर पर राहत देना है।
एमएसपी का संचालन कपास के किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए विशेष तौर पर उस अवधि में किया जाता है जब मार्केट में कपास की कीमतें मिनिट सपोर्ट प्राइस से कम होती हैं। इस उपाय कपास की कीमतों को स्थिर करने, संकटपूर्ण बिक्री को रोकने और किसानों को लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कृषि बाजारों में समावेशिता को बढ़ाकर, MSP परिचालन कपास उगाने वाले समुदायों की आर्थिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
60 लाख किसानों की आजीविका का आधार है कपास
कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक बनी हुई है, जो लगभग 60 लाख किसानों की आजीविका का आधार है और प्रसंस्करण, व्यापार तथा वस्त्र उद्योग सहित इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों में लगे 400-500 लाख लोगों को सहारा देती है। 2023-24 के कपास सीजन के दौरान, इसकी खेती का रकबा लगभग 114.47 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान था, जबकि उत्पादन 325.22 लाख गांठ (बेल्स) आंका गया, जो वैश्विक कपास उत्पादन का लगभग 25% है। भारत सरकार, कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर, बीज कपास (कपास) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करती है।
कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया नोडल एजेंसी के रूप में नामित
सरकार ने कपास के क्षेत्र में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए 'कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' (CCI) को केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है। जब भी बाज़ार में कपास की कीमतें MSP के स्तर से नीचे गिर जाती हैं, तो CCI किसानों से 'फेयर एवरेज क्वालिटी' (FAQ) वाले सभी कपास की खरीद बिना किसी मात्रात्मक सीमा के करता है; इस प्रकार, यह किसानों को एक सुनिश्चित सुरक्षा कवच प्रदान करता है।



