रायपुर। अमानक चावल खरीदी और ई केवायसी के नाम पर छत्तीसगढ़ के 30 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों को चावल नहीं मिल रहा है। प्रश्नकाल के दौरान इन दोनों मुद्दों पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल घिरे रहे। विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देते नहीं बना। इन दोनों ज्वलंत मुद्दों पर विपक्ष ने विरोध स्वरुप दो बार वाकआउट किया।
विधायक रामकुमार यादव ने सवाल किया, जब सक्ती जिले में बड़ी संख्या में राइस मिले हैं तब धान का उठाव क्यों रोका गया। 17 जनवरी तक धान का उठाव ना होने के कारण अव्यवस्था की स्थिति बनी। विधायक ने कहा, लिखित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने लिखित में जवाब दिया है कि रिसाइक्लिंग की आशंका के चलते उठाव को रोकने का आदेश दिया गया था। मंत्री के इस जवाब को लेकर विधायक ने कहा, धान का उठाव ना होने से बारिश होने की स्थिति में धान की क्वालिटी खराब हो जाती है और घटिया चावल नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए राशन दुकानों में पहुंचता है। विभागीय अफसरों की लापरवाही का खामियाजा आखिर में गरीबाें को ही भुगतना पड़ता है।
डाॅ. महंत के सवालों का मंत्री बघेल नहीं दे पाए जवाब
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा, मंत्री ने अपने जवाब में बताया है, रिसाइक्लिंग की आशंका में धान का उठाव रोका गया था। जाहिरतौर पर विभाग ने ऐसा मान लिया है, रिसाइक्लिंग होता है। डा महंत ने मंत्री से पूछा, विभाग के संज्ञान में ऐसी कोई जानकारी है क्या, किस-किस जिले में इस तरह की गड़बड़ी होती है या पहले कभी हुई है। डा महंत के इस सवाल का मंत्री दयालदास बघेल सीधेतौर पर जवाब नहीं दे पाए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ महंत ने मंत्री से कहा, आपने 17 को आपने धान खरीदी बंद करा दी। 31 तक धान खरीदी होनी थी, जिनके पास टोकन था, वह किसान भी धान नहीं बेच पाए। 600 करोड़ का धान नहीं बेचा गया, इसके लिए जवाबदार कौन होगा। डाॅ महंत के इस सवाल का मंत्री जवाब नहीं दे पाए।



