रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्रीगणों और पुलिस के आला अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण, भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की अंग्रेजों के ज़माने की सामंती प्रथा को खत्म करते हुए बंद कर दिया है। गृह विभाग द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के नियमों में संशोधन किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
अंग्रेजों के समय की यह व्यवस्था आजादी के सालों बाद भी जारी रही। मगर छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे समाप्त कर दिया है। वीवीआईपी को जिले में आने पर अब गॉड ऑफ ऑनर नहीं होगा। सरकार ने कुछ मामलों में इसकी छूट दी है। इसका उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता का उपयोग कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और औपनिवेशिक सोच से जुड़ी परंपराओं को समाप्त करना है।
गृहमंत्री ने समीक्षा कर दिए निर्देश
गौरतलब है कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्वयं विभाग के अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें वर्तमान स्थिति में आवश्यकतानुसार बदलाव करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में गृह विभाग ने पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर उनकी कार्यक्षमता का उपयोग उनके मूल दायित्वों के पालन के लिए यह संशोधन किया है।
देखिए गृह विभाग का आदेश




