छत्तीसगढ़

भाषण नहीं सवालों का जवाब दीजिए मंत्री जी, आखिर विधायक अजय चंद्राकर को क्यों आया गुस्सा..

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग में रिएजेंट सहित उपकरण और सामग्री खरीदी में करोड़ों के घोटाले का मुद्दा सदन में गूंजा। घोटाले के सवाल और जवाब के बीच विधायक अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के बीच नोंक-झोंक भी हुई। सवाल के अनुरुप जवाब ना आने पर विधायक चंद्राकर को गुस्स आ गया और स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि भाषण के बजाय सवालों का साफ-साफ जवाब दें। विधायक और मंत्री के बीच नोंक-झोंक होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने मामला संभाला और हस्तक्षेप करते हुए विधायक अजय चंद्राकर से कहा कि आप धैर्य रखिए मंत्री सवालों का जवाब दे रहे हैं।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से पूछा कि डायरेक्ट हेल्थ ने उपकरण व अन्य सामानों की खरीदी के लिए डिमांड दिया और सीजीएमएससी ने खरीदा। कितने आइटम का, कितनी राशि का डिमांड दिया और कितनी राशि उपलब्ध कराई गई और कितने दिन के भीतर ठेका कंपनी ने सामग्री की आपूर्ति की। विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल पूछने के बाद कहा कि मेरा सवाल सीधा-सीधा है। मंत्री इसी अनुरुप जवाब दें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मंत्री जायसवाल ने बताया कि मोक्षित कारपोरेशन सहित 15 दोषी अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू जांच कर रही है।

विधायक चंद्राकर ने फिर सवाल दागे और मंत्री से पूछा कि पैसा ना होने के बाद भी खरीदी की जा सकती है। अगर नियम में नहीं है तो किस अधिकारी ने खरीदी की और उस पर क्या कार्रवाई की गई। विधायक के सवाल पर मंत्री जायसवाल ईओडब्ल्यू की कार्रवाई की बात करने लगे। विधायक को गुस्सा आ गया और वे बोले भाषण मत दीजिए सवालों का जवाब दीजिए। मंत्री और विधायक के बीच बढ़ती तल्खी काे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने हस्तक्षेप किया और विधायक से कहा किपूरा जवाब सुन लीजिए,आप धैर्य से बैठिए। मंत्री के जवाब के बाद विधायक चंद्राकर ने पूछा कि जिस अधिकारी ने नियमों व तय मापदंडों का उल्लंघन किया उन अधिकारियों के नाम बताइए और अब तक उन पर क्या कार्रवाई की गई है,इसकी जानकारी भी दीजिए। मंत्री ने बताया कि 15 अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में जांच चल रही है।

विधायक अजय ने कहा कि मैंने जो सवाल पूछा है मंत्री ने उन सवालों का उत्तर नहीं दिया। विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल दागे और पूछा कि कारपोरेशन के खिलाफ किन-किन मुद्दों में जांच हो रही है।मंत्री ने कहा कि सप्लाईकर्ता के खिलाफ ईओडब्ल्यू को जांच के लिए सौंप दिया है। 100 रुपये के सामान को 10 गुना में खरीदा। सुपर मशीनें आज तक चालू नहीं हो पाई है। सप्लायर और अफसरों के सांठगांठ से गड़बड़ी सामने आई है।

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