रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 10वें दिन है। सदन में छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई का मुद्दा उठा। विधायक कुंवर निषाद ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि बहुत से युवा हैं जो छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई कर चुके हैं, उन्हें टीचर की जॉब मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसी भर्ती में छत्तीसगढ़ भाषा में एमए करने वालों के लिए पद स्वीकृत किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने यह घोषणा सदन में प्रश्नकाल के दौरान की। छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा को लेकर कुंवर सिंह निषाद ने प्रश्न किया था। निषाद ने छत्तीगसढ़ी में शिक्षा दिए जाने को लेकर प्रश्न किया था। इस पर मंत्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ी की लिपी नहीं है। अभी हिंदी के शिक्षक की छत्तीसगढ़ी पढ़ाते हैं। उसकी अलग से व्यवस्था करने की जरुरत नहीं है। इस पर निषाद ने कहा कि प्राथमिक स्तर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ी में कराने की घोषणा की गई थी। एनसीआरटी इसके लिए तैयार है केवल सरकार की घोषणा बाकी है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार केवल छत्तीसगढ़ी नहीं बल्कि हल्बी, सरगुजिहा और सदरी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में पढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए किताब तैयार कराया यगा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी में एमए करने वालों की इसी साल शिक्षक के रुप में भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी में शिक्षा की बात भावनात्मक रुप से अच्छा है, छत्तीसगढि़या को आगे बढ़ाना है।इस भावना से मैं भी सहमत हूं, लेकिन हमें अपने बच्चों का स्तर भी बढ़ाना है। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता के लिए तैयार करना है।
आज अलग-अलग मुद्दों पर विधायक सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों के बजट को लेकर भी अनुदान मांगों पर चर्चा की जाएगी। इसमें पुलिस, गृह विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग से जुड़े बजट को लेकर चर्चा होगी। एक सवाल के लिखित जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में 127 निजी स्कूल और 250 मदरसे RTE के दायरे से बाहर हैं।



