छत्तीसगढ़

CG:भू माफियाओं के साथ मिलकर बेची करोड़ो की शासकीय भूमि..डिप्टी कलेक्टर ने कराया FIR दर्ज, आरोपी पटवारी गिरफ्तार..

बिलासपुर

पटवारी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भू माफियाओं के साथ मिलकर करोड़ो की शासकीय भूमि बेच डाली। इस मामले में डिप्टी कलेक्टर के द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। जिसमें विवेचना के बाद साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पटवारी वर्तमान में तहसील कार्यालय बिलासपुर के कानूनगो शाखा में पदस्थ था।

भूमि खसरा नम्बर 224/3, व 232/12, रकबा क्रमशः 4.95 एकड़ व 1 एकड़ को आवेदक भोंदूदास ने गुलाल वल्द सुधवा निवासी गतौरा जिला बिलासपुर से दिनांक 1 मई 1976 को पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्य्म से खरीदना बताया। भोंदूदास ने बताया कि उक्त भूमि में वह काबिज है और खसरा नम्बर 267/18 रकबा 2 एकड़ भूमि पूर्व अभिलेखो में उसका नाम था पर वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में उसका नाम त्रुटिवश विलोपित हो चुका है। उसने अभिलेख सुधार का आवेदन तहसीलदार बिलासपुर तहसील के समक्ष वर्ष 2015- 16 में पेश किया था। उक्त राजस्व प्रकरण में पटवारी प्रतिवेदन व अन्य दस्तावेजो के आधार पर 22 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन तहसीलदार संदीप ठाकुर ने न्यायालयीन आदेश जारी करते हुए भोंदूदास के पक्ष में खसरा नम्बर 224 में 4.50 एकड़ व खसरा नम्बर 232 में 1 एकड़ भूमि नामांतरित करने का आदेश जारी कर दिया। मामले के उछलने पर मुख्यमंत्री के द्वारा इसका संज्ञान लिया गया था। और जांच के निर्देश दिए गए। जिसके बाद एडिशनल एसपी ग्रामीण रोहित झा व राजस्व टीम की सँयुक्त जांच कमेटी ने इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौपी थी।

जमीन अपने नाम कर टुकड़ो में विक्रय करने वाले भोंदूदास के खिलाफ सरकंडा थाना में अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर शासकीय जमीन की अफरा तफरी व बेचने के सम्बंध में साक्ष्य मिलने पर पूर्व में भोंदूदास के अलावा सुरेश मिश्रा, हैरी जोसेफ, रामकुमार यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। पटवारी अशोक जायसवाल ने कूटरचित दस्तावेज तहसीलदार के न्यायालय में पेश कर आरोपी भोंदूदास के पक्ष में जमीन का नामांतरण व अभिलेख दुरस्ती करवा दिया था। जिस पर उसे नोटिस देकर आज मोपका चौकी तलब किया गया और पूछताछ के उपरांत गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्रकरण में गिरफ्तार मुख्य आरोपी भोंदूदास रिक्शा चालक है। करोड़ो की शासकीय भूमि को अपने नाम मे करवाने हेतु दस्तावेज तैयार करवा बेचना उसके अकेले के बस की बात नही है। कुछ भू माफियाओं के द्वारा पहले भोंदूदास के नाम पर जमीन करवा फिर अपने परिजनों के नाम से पॉवर ऑफ एटार्नी लेकर टुकड़ो में बेचे जाने की बात भी सामने आ रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि भोंदूदास ने इस खेल में आर्थिक लाभ प्राप्त किया है और उसके एकाउंट में पैसे गए हैं।

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