
रायपुर
छतीसगढ़ में हड़ताल से पूरा प्रदेश प्रभावित हो गया है। सरकारी दफ्तरों, स्कूलों स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटक गए हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व ड्राइवरो की हड़ताल के चलते अफसरों को खुद ही अपनी गाड़ी चला कर दफ्तरों में पहुँचे हैं। यही हाल ऑफिसों का हैं वहां चाय पानी पिलाने व फाइले निकालने वाले तक नही हैं। जिसके चलते कई दफ्तरों में अफसरों को मक्खियां मारनी पड़ रही हैं।केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता की दो सूत्रीय मांगों को लेकर आज से प्रदेश के कर्मचारियों व शिक्षको ने कुल 76 संगठनो के बैनर तले धरने का आगाज किया है।

आज से प्रदेश भर में कर्मचारी व शिक्षक जिला व ब्लाक मुख्यालयों में धरने पर बैठें हैं। तीन शिक्षक व एक कर्मचारी संघ ने आज रुद्राभिषेक से हड़ताल की शुरुवात की हैं।आज हड़ताल की शुरुवात से प्रदेश भर के स्कूलों में ताले लटक गए हैं। जिसके चलते पढ़ाई तो प्रभावित हुई ही मध्याह्न भोजन भी प्रभावित हो गया हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते कोविड वेक्सिनेशन भी प्रभावित हुआ है। हालांकि संविदा कर्मचारियों के द्वारा कही कहि वेक्सिनेशन किया जा रहा है। पंजीयन कार्यालय में कर्मचारियों के नही होने से रजिस्ट्री नही हो पा रही हैं। दफ्तरों के बंद रहने से करोड़ो का बिल भुगतान आदि भी रुक जाएगा।खेती बाड़ी के समय से कृषि विभाग में हड़ताल के चलते खाद्य व बीज आबंटन व कृषि सम्बंधित कार्य भी प्रभावित है। साथ ही कृषि कालेज,इंजीनियरिंग कालेज, आईटीआई व अन्य कालेज भी प्रभावित हुए हैं। जिसके चलते एडमिशन व परीक्षा भी प्रभावित हो रहे हैं। यहां तक कि स्वामी विवेकानंद टेक्नीकल यूनिवर्सिटी ने परीक्षा स्थगित करने का एलान तक कर दिया है। पिछली बार की तरह इस बार भी सर्व शिक्षक संघ समेत कई शिक्षा संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने का फैसला लिया है।अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण सभी शासकीय स्कूल, शिक्षा विभाग व अन्य सभी विभाग के ब्लॉक, जिला, संभाग कार्यालय, तहसील, राजस्व, कलेक्टर कार्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर चले गए है, स्कूल, कार्यालय सभी शासकीय दफ्तरों में सन्नाटा है.



