छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सड़कों और भवनों के विकास की बनेगी दीर्घकालिक योजना, CM साय ने दिए निर्देश..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सड़क, भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की योजना वर्तमान आवश्यकताओं के साथ आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत अधोसंरचना प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार है। सड़क, भवन और सार्वजनिक सुविधाओं पर होने वाला निवेश ऐसा होना चाहिए, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिले और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुकूल अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया।

दो और चार लेन सड़कों के लिए होगा विस्तृत सर्वे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क के सुनियोजित विस्तार के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए। सर्वे के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि किन मार्गों को दो लेन और किन सड़कों को चार लेन में विकसित करने की आवश्यकता है। इसके आधार पर भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोड नेटवर्क का दीर्घकालिक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों, औद्योगिक केंद्रों और प्रमुख बाजारों तक पहुंच आसान होती है। इससे कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलता है।

बजट से निर्माण तक हर चरण की तय होगी समय-सीमा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण परियोजना के लिए योजना बनाने से लेकर बजट प्रावधान, प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश और निर्माण पूरा होने तक सभी चरणों की स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए।

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से लागत बढ़ती है और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। इसलिए नियमित समीक्षा के माध्यम से देरी के कारणों को समय रहते दूर किया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

स्कूल-कॉलेज और सरकारी भवनों की डिजाइन में होगा बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक भवनों का निर्माण केवल वर्तमान जरूरतों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। भवनों की डिजाइन तैयार करते समय भविष्य में विद्यार्थियों और उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ने, अतिरिक्त सुविधाओं, सुरक्षा, सुगम पहुंच और रखरखाव की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

इससे भविष्य में अतिरिक्त निर्माण पर होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करने और सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।

निर्माण के साथ रखरखाव पर भी रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने सड़कों, भवनों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के नियमित रखरखाव के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर निरीक्षण और मरम्मत नहीं होने से छोटी समस्याएं आगे चलकर गंभीर हो जाती हैं, जिससे सरकारी खर्च बढ़ता है।

उन्होंने परियोजनाओं की योजना बनाते समय ही उनके दीर्घकालिक रखरखाव की व्यवस्था तय करने पर जोर दिया, ताकि सार्वजनिक परिसंपत्तियों की उपयोगिता और कार्यशील आयु बढ़ाई जा सके।

आधुनिक तकनीक और इंजीनियरों के प्रशिक्षण पर फोकस

बैठक में निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण सामग्री और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में सफल निर्माण तकनीकों और नवाचारों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की जरूरतों के अनुसार उपयोग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों के नियमित प्रशिक्षण तथा कौशल उन्नयन के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही निर्माण कार्यों में टिकाऊपन, सुरक्षा और जलवायु संबंधी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को प्राथमिकता देने की बात कही।

डिजिटल व्यवस्था से होगी परियोजनाओं की निगरानी

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के अंतर्गत परियोजनाओं की योजना, वित्तपोषण, स्वीकृति, ठेका प्रक्रिया, निर्माण, निगरानी और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए एकीकृत डिजिटल व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।

इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति तथा निर्धारित समय-सीमा की निगरानी की जा सकेगी। प्रदेश में उपलब्ध अधोसंरचना का आकलन कर जरूरत और उपलब्ध सुविधाओं के बीच अंतर की पहचान भी की जाएगी, जिससे प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाओं का चयन किया जा सके।

विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना विकास से जुड़े सभी विभागों को साझा दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। बेहतर समन्वय से कार्यों की अनावश्यक पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी और वित्तीय संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की सफलता केवल सड़कों की लंबाई या निर्मित भवनों की संख्या से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों से तय होगी।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य उद्देश्य: ‘अंजोर विजन 2047’ के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐसी मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना विकसित करना, जो वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित हो।

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