NASA के सेंटर से लॉन्च हुआ स्पेसक्राफ्ट कल्पना चावला

News Desk

    वर्जीनिया
इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन के लिए NASA (नैशनल ऐरोनॉटिकल ऐंड स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन) के सेंटर से एक रॉकेट 3628 किलो का कार्गो लेकर निकल गया। इस Northrop Grumman Antares रॉकेट का नाम भारत की पहली महिला अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला के नाम पर रखा गया था। इस Cygnus कार्गो स्पेसक्राफ्ट को भारतीय समयनुसार सुबह 6:46 बजे लॉन्च किया गया। इस स्पेसक्राफ्ट के साथ कई एक्सपेरिमेंट भेजे गए हैं जो इंसानों के कई सवालों का जवाब खोजेंगे।

स्पेस टॉइलट लेकर गया
इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन पर कार्गो डिलिवर करने के बाद यह स्पेसक्राफ्ट फायर एक्सपेरिमेंट-V (Sapphire V) करेगा। इससे माइक्रोग्रैविटी में बड़े स्तर पर आग लगने के बिहेयिवर को स्टडी किया जाएगा। इसके बाद धरती पर वापस आकर पैसिफिक महासागर पर लैंडिंग करेगा। इस क्राफ्ट के साथ जाने वाले आइटम्स में से एक स्पेस टॉइलट है जिसे पहले यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम कहते थे। इस 23 मिलियन डॉलर के कमोड को भविष्य में इस्तेमाल के लिए टेस्ट किया जाएगा।

स्पेस में उगेगा खाना
इस क्राफ्ट के जरिए कई एक्सपेरिमेंट भी भेजे गए हैं। इनमें से एक मूली उगाने को लेकर है। Plant Habitat-02 के जरिए स्पेस में पौधे और खाने को उगाया जाएगा। इसके साथ ही रिसर्चर्स अलग-अलग रोशनी और मिट्टी के हालात में पौधे उगाना भी टेस्ट करेंगे ताकि बेहतर तरीके से स्पेस में पोषक और स्वादिष्ट खाना उगाया जा सके।

कैंसर का इलाज
यही नहीं, माइक्रोग्रैविटी में कैंसर की दवाओं का टेस्ट किया जा सकेगा जिससे और सुरक्षित और असरदार इलाज खोजा जा सके। इनके अलावा एक ऐस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर यूरिन में मौजूद यूरिया को अमोनिया में बदलकर पानी बनाने का एक्सपेरिमेंट भी किया जाएगा।

Next Post

राज्य शिक्षा केंद्र ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश, स्कूलों को हाईटेक बनाने की प्रोसेस शुरू

भोपाल राज्य शिक्षा केंद्र के आयुक्त लोकेश जाटव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत गुणवत्तायुक्त शिक्षा एवं भविष्य में उत्कृष्ट नागरिक के विकास के लिए शिक्षा एवं उपलब्ध संसाधनों को परिणाम मूलक बनाया जाना जरूरी है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते […]

कोरोना वाइरस के बारे में

भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है कि हम COVID 19 - कोरोना वायरस की बढ़ती महामारी से उत्पन्न चुनौती और खतरे का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं। भारत के लोगों के सक्रिय समर्थन के साथ, हम अपने देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में सक्षम हैं। स्थानीय रूप से वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जा रही सलाह के अनुसार सही जानकारी के साथ नागरिकों को सशक्त बनाना और सावधानी बरतना है।