Google Meet और Zoom से हैकर्स का अटैक, यह है बचने का तरीका

News Desk

  
नई दिल्ली

लॉकडाउन के दौरान जूम और गूगल मीट जैसे प्लैटफॉर्म्स पॉप्युलर सर्विसेज बनकर सामने आए हैं और अब हैकर्स के फेवरिट टूल भी बन रहे हैं। इन विडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप्स की मदद से हैकर्स ढेरों यूजर्स को ऐसी वेबसाइट्स पर भेज रहे हैं, जिनकी मदद से मैलवेयर का अटैक किया जा सकता है। सिक्यॉरिटी फर्म Checkpoint की लेटेस्ट रिपोर्ट में इस बात को हाइलाइट किया गया है और बताया गया है कि पिछले तीन सप्ताह में 2,449 जूम से जुड़े डोमेन रजिस्टर करवाए गए हैं।

रजिस्टर करवाए गए डोमेन्स में से 32 मैलिशस पाए गए हैं, वहीं 320 को शक के दायरे में रखा गया है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब हैकर्स फेक जूम और गूगल मीट वेबसाइट्स बनाकर यूजर्स पर अटैक करने की फिराक में हैं। जैसे ही यूजर ऐसे किसी सस्पेक्टेड लिंक पर क्लिक करेगा, हैकर्स उसके डिवाइस पर फुल कंट्रोल कर कर सकते हैं। चेकपॉइंट की ओर से शेयर की गई रिपोर्ट में ऐसे कई मामलों को हाइलाइट किया गया है, जिनके सामने आते ही किसी भी रेग्युलर यूजर को अलर्ट हो जाना चाहिए।
 

फिशिंग मेल से रहें अलर्ट
हाल ही में फिशिंग ईमेल्स भी सामने आए थे, जिनमें यूजर्स को निशाना बनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए थे। ऐसे कई मेल्स के सब्जेक्ट में लिखा होता था कि यूजर को माइक्रोसॉफ्ट टीम्स में ऐड किया गया है। इसके बाद मेंल में googel.meet.com जैसे डोमेन दिए गए थे, जिन्हें 27 अप्रैल, 2020 को ही रजिस्टर किया गया है। ऐसे लिंक्स पर क्लिक करवाने के बाद यूजर्स को मैलिशस साइट पर रिडायरेक्ट किया जा सकता है और अटैक का शिकार बनाया जा सकता था।
 
इस तरह बच पाएंगे आप
रिपोर्ट की मानें तो जनवरी 2020 से लेकर अब तक कुल 6,576 जूम से जुड़े डोमेन ग्लोबली रजिस्टर करवाए गए हैं। अटैकर्स के लिए पॉप्युलर विडियो कॉलिंग प्लैटफॉर्म यूजर्स पर अटैक करने का अगला तरीका बन गया है। चेकपॉइंट की ओर से कहा गया है कि किसी भी तरह के मीटिंग यूआरएस पर क्लिक करने से पहले डबल चेक कर लेना ही बचाव का एक तरीका है। इसके अलावा उसी मेल पर भरोसा करें, जो आपके किसी कलीग या ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट ने भेजी हो। इसके अलावा ऑफिशल वेबसाइट्स पर जाकर भी आप मीटिंग जॉइन कर सकते हैं।
 

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