कोरोना की लड़ाई में धर्म और आध्यात्म औषधि, रामचरित मानस का पाठ लाभकारी: राजनाथ सिंह

News Desk

लखनऊ 
देश के रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में धर्म और आध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा। संक्रमितों को सही करने में भी सस्वर रामचरित मानस का पाठ वरदान साबित हो सकता है। यह बात उन्होंने डॉ. समीर त्रिपाठी के रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को लांच करते हुए कही। इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में वह वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

यह गायन यू-ट्यूब चैनल मेधज एस्ट्रो पर उपलब्ध है। राजनाथ ने इस प्रयास को कोरोना काल में आस्था जगाने वाला और  सकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला बताया है। इस मौके पर लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को समाज के लिये वर्तमान परिस्थितियों में काफी उपयोगी बताया। कहा कि लोगों का ध्यान नकारात्मक सूचनाओं और खबरों से हटाकर सकारात्कता फैलाने के लिये यह प्रयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है। जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी ने न सिर्फ शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी व्यक्ति और समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। 

कोरोना काल में राहत देगा
द्वारकाशारदापीठाधीश्वर एवं ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि कोरोना काल में सांस्कृतिक जड़ों, धर्म और आत्यात्म से जुड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को शास्त्रों, वेदों का पाठ पढ़ने का यह उपयुक्त समय है। इसका भरपूर उपयोग कर लोग स्वयं को महामारी के संकट से बचा सकते हैं। साथ ही अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का भी यह सुनहरा समय है।

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