आज 3788 नए मरीज मिले, अब तक 2365 की मौत, दिल्ली में कोरोना के केस 70 हजार के पार

News Desk

 नई दिल्ली 
राजधानी दिल्ली में बेकाबू हो रहे कोरोना संक्रमण के बुधवार को 3800 के करीब नए मरीज मिलने के बाद कुल मामले बढ़कर 70 हजार के पार पहुंच गए हैं। हालांकि, आज 2000 से ज्यादा मरीज भी ठीक भी हुए हैं। राजधानी में वर्तमान में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर अब 266 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटों में दिल्ली में 3788 नए मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं 2124 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। इस बीच आज 64 मरीजों की मौत होने की जानकारी भी मिली है। 

बैंक्वेट हॉल को कोविड अस्पताल बनाने के फैसले को दिल्ली HC में चुनौती
दिल्ली में फिलहाल कोरोना के 26588 एक्टिव केस हैं। अब तक आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल संक्रमितों की संख्या 70390 पर पहुंच गई है। इनमें से 41437 मरीज जहां इस महामारी को मौत देकर पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं, वहीं 2365 मरीज मौत के मुंह में भी समा चुके हैं। 
 
हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज दिल्ली में 19059 लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए हैं। यहां प्रति 10 लाख लोगों पर 22142 के टेस्ट किए जा रहे हैं। राजधानी में अब तक 420707 लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं। ज्ञात हो कि दिल्ली में पहली बार मंगलवार को एक दिन में कोरोना के रिकॉर्ड 3,947 मामले सामने आए थे। 
 
गौरतलब है कि दिल्ली में मरीजों के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने छतरपुर में 10,000 से अधिक बेड की क्षमता वाले कोविड-19 केंद्र की देखरेख का जिम्मा बुधवार को संभाल लिया। आईटीबीपी के अधिकारियों की एक टीम ने राधा स्वामी ब्यास केंद्र का दौरा कर दिल्ली सरकार के अधिकारियों से चर्चा की। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ही इस केंद्र के संचालन का जिम्मा आईटीबीपी को सौंपे जाने की जानकारी दी थी।

इस क्वारंटाइन सेंटर में 10,200 से अधिक मरीजों को रखा जा सकेगा। 15 फुटबॉल मैदानों जितने बड़े छतरपुर के इस सेंटर को सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर एंड हॉस्पिटल नाम दिया गया है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि कोरोना रोगियों के लिए अस्थायी रूप से बनाया गया यह सेंटर चीन के लीशेंसन में स्थापित किए गए सेंटर से 10 गुना बड़ा होगा। चीन के सेंटर में 1,000 मरीजों को रखने की सुविधा थी। फरवरी में चीनी राजनयिकों ने उस अस्पताल के निर्माण का एक वीडियो जारी किया था।

गृहमंत्री अमित शाह ने इस महीने की शुरुआत में उपराज्यपाल अनिल बैजल से ऐसी जगहों का पता लगाने को कहा था जहां जरूरत पड़ने पर दिल्ली सरकार कोरोना रोगियों को रखने और इलाज करने की अपनी क्षमता का तेजी से विस्तार कर सके। 

उपराज्यपाल की अपील के बाद आध्यात्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र ने सबसे पहले मदद का हाथ आगे बढ़ाया था। इससे पहले लॉकडाउन के दौरान इस केंद्र ने देश के अन्य हिस्सों में अपने कुछ आश्रमों को प्रवासियों के लिए भी खोल दिया था। इतना ही नहीं, संगठन ने सरकार से कहा है कि वह मरीजों के लिए भोजन भी उपलब्ध करा सकती है। 

Next Post

पुलिस ने मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को किया गिरफ्तार

रायपुर बेमेतरा पुलिस ने जीपीएस डेटा एनालिसिस की मदद से मासूम पीड़िता के साथ दुष्कर्म के आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता ने आरोपी ट्रक चालक और ट्रक की पहचान कर ली है. आरोपी ट्रक चालक सूरज प्रजापति जो कि वर्तमान में विधानसभा रोड सड्डू में रहता […]

कोरोना वाइरस के बारे में

भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है कि हम COVID 19 - कोरोना वायरस की बढ़ती महामारी से उत्पन्न चुनौती और खतरे का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं। भारत के लोगों के सक्रिय समर्थन के साथ, हम अपने देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में सक्षम हैं। स्थानीय रूप से वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जा रही सलाह के अनुसार सही जानकारी के साथ नागरिकों को सशक्त बनाना और सावधानी बरतना है।