बैंक कर्जमाफी के आरोप पर जावेड़कर बोले- चिदंबरम से ट्यूशन लें राहुल

News Desk

नई दिल्ली

देश के बैंकों ने 50 बड़े विलफुल डिफाल्टर्स का 68,607 करोड़ रुपए का कर्ज बट्टे खाते में डाल दिया है. इसको लेकर मोदी सरकार पर कांग्रेस हमलावर है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से ट्यूशन लेना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'मैं राहुल गांधी की इस आरोप को सिरे से खारिज करता हूं कि मोदी सरकार ने 65,000 करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं. एक भी पैसा माफ नहीं किया गया है. कर्ज को बट्टे खाते में डालने का मतलब माफ करना नहीं होता है. राहुल को चिदंबरम से कर्ज माफी और कर्ज को बट्टे खाते में डालने में अंतर समझने के लिए ट्यूशन लेना चाहिए.'

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'कर्ज को बट्टे खाते में डालना जमाकर्ताओं को बैंक की सही तस्वीरें दिखाने की प्रक्रिया है. यह बैंकों को कार्रवाई करने और वसूली करने से नहीं रोकता है. हमने देखा है कि कैसे नीरव मोदी की संपत्ति जब्त और नीलाम की गई. माल्या के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. हाई कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया है.'

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि कांग्रेस के नेताओं ने जानबूझ कर बैंकों का कर्ज नहीं लौटाने वाले, फंसे कर्जों और राइट-ऑफ (बट्टे खाते) पर गुमराह करने की कोशिश की. 2009-10 और 2013-14 के बीच अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने 145226 करोड़ रुपये की राशि को राइट-ऑफ (बट्टे खाते में) किया था.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि NPA के लिए आरबीआई के तय किए चार साल के प्रावधान चक्र के हिसाब से नियम तय किए गए हैं. यह पूरा हो जाने पर ही बैंक NPA को राइट-ऑफ (बट्टे खाते) में डालते हैं, लेकिन वे उधारकर्ता से वसूली की कोशिश जारी रखते हैं. कोई ऋण माफ नहीं किया गया है.

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