खट्टर-चौटाला बोले – ‘बीजेपी-जेजेपी सरकार पर कोई खतरा नहीं, पूरा करेंगे कार्यकाल’

News Desk

नई दिल्ली
कृषि कानूनों को लेकर राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर जारी किसानों के प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने हरियाणा सरकार की अस्थिरता की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मजबूत है और 5 साल कार्यकाल भी पूरा करेगी। दोनों नेताओं की अमित शाह से मुलाकात ऐसे दिन हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक समिति का भी गठन किया है। शाह के साथ बैठक के बाद खट्टर ने कहा कि हरियाणा किसान आंदोलन का केंद्र है इसलिये हमने राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की स्थिति पर गृहमंत्री के साथ चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री चौटाला ने बैठक के बाद कहा कि हरियाणा में सरकार को कोई खतरा नहीं है और हमारी सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेगी। वहीं, इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष भले ही तमाम अटकलें लगाता रहे, लेकिन हरियाणा में उनकी सरकार कार्यकाल पूरा करेगी।

मनोहर लाल और चौटाला का यह बयान इसलिए भी खास है, क्योंकि किसान आंदोलन के कारण जेजेपी पर सरकार से समर्थन वापसी के लिए लगातार किसान नेताओं का दबाव पड़ रहा है। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समिति गठित किए जाने के बाद यह मामला जल्द सुलझ जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों को लागू होने से रोकते हुए कमिटी बनाई है। यह कमिटी सभी बातों पर विचार-विमर्श करेगी। ऐसे में उम्मीद है कि अब आंदोलन खत्म कर किसान अपने-अपने घरों को लौट जाएंगे। खट्टर और चौटाला के साथ बीजेपी और जननायक जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तथा प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य भी यहां नॉर्थ ब्लॉक में हुई मुलाकात के दौरान मौजूद थे। समझा जाता है कि दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी के विधायक प्रदर्शनकारी किसानों के दबाव में हैं। बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर हरियाणा में किसानों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल की राज्य में एक किसान सभा भी किसानों ने नहीं होने दी थी। सभास्थल पर उपद्रव के कारण मुख्यमंत्री की सभा नहीं हो पाई थी। सहयोगी जेजेपी के कुछ नेता भी किसान आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं, जिससे गठबंधन टूटने को लेकर अटकलें लग रही हैं। किसान आंदोलन के मसले पर इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की गृहमंत्री शाह के साथ बैठक हो चुकी है।

गृहमंत्री के साथ आज हरियाणा के दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस बैठक में कोर्ट के फैसले और किसानों के रुख पर चर्चा हुई। किसान नेताओं ने फिलहाल आंदोलन खत्म न करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में गृहमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मद्देनजर हरियाणा में कानून व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के लिए भी मुख्यमंत्री को कहा है।

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